बक्सर में इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब धंसा:26.40 करोड़ की लागत से बना था, वाहनों के आवागमन पर लगा रोक

बक्सर में इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब धंसा:26.40 करोड़ की लागत से बना था, वाहनों के आवागमन पर लगा रोक

बक्सर जिले में हाल ही में शुरू हुए इटाढ़ी गुमटी (बक्सर-बरूना) रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का एक स्लैब शुक्रवार सुबह धंस गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, ओवरब्रिज के इटाढ़ी गुमटी की ओर स्थित पांचवें पाये के ऊपर का स्लैब अचानक नीचे चला गया, जिससे पुल की सतह पर एक फुट से अधिक का गैप दिखाई देने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्लैब धंसने के बाद कंक्रीट की परत राख जैसी बिखरी हुई दिख रही है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से में दिखाई दे रही सरियों की मोटाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है, जिसके कारण पुल शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर यह स्थिति उत्पन्न हो गई। 26.40 करोड़ की लागत से बना था ओवरब्रिज यह रेलवे ओवरब्रिज करीब 26.40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित है और इसकी लंबाई लगभग 950 मीटर है। इसका निर्माण वर्षों से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया था। इस पुल पर यातायात कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ था और चार दिन पूर्व इटाढ़ी रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। घटना के बाद एहतियात के तौर पर पुल से बड़े वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। केवल हल्के वाहनों को सीमित रूप से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। इससे बक्सर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, विशेष रूप से मालवाहक वाहनों और लंबी दूरी के यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि राज्य में लगातार पुलों और निर्माणाधीन संरचनाओं से जुड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण किए जाने और तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। बक्सर जिले में हाल ही में शुरू हुए इटाढ़ी गुमटी (बक्सर-बरूना) रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का एक स्लैब शुक्रवार सुबह धंस गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, ओवरब्रिज के इटाढ़ी गुमटी की ओर स्थित पांचवें पाये के ऊपर का स्लैब अचानक नीचे चला गया, जिससे पुल की सतह पर एक फुट से अधिक का गैप दिखाई देने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्लैब धंसने के बाद कंक्रीट की परत राख जैसी बिखरी हुई दिख रही है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से में दिखाई दे रही सरियों की मोटाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है, जिसके कारण पुल शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर यह स्थिति उत्पन्न हो गई। 26.40 करोड़ की लागत से बना था ओवरब्रिज यह रेलवे ओवरब्रिज करीब 26.40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित है और इसकी लंबाई लगभग 950 मीटर है। इसका निर्माण वर्षों से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया था। इस पुल पर यातायात कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ था और चार दिन पूर्व इटाढ़ी रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। घटना के बाद एहतियात के तौर पर पुल से बड़े वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। केवल हल्के वाहनों को सीमित रूप से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। इससे बक्सर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, विशेष रूप से मालवाहक वाहनों और लंबी दूरी के यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि राज्य में लगातार पुलों और निर्माणाधीन संरचनाओं से जुड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण किए जाने और तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।  

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