कानपुर के सचेण्डी थाना क्षेत्र में दुकान पर कब्जा करने की कोशिश, रंगदारी मांगने और दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सात नामजद समेत 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का आरोप बेटों को फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी उदयपुर निवासी गोपाल साहू ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सीढ़ी इटारा बाजार स्थित उनकी दुकान को लेकर कुछ लोग लगातार विवाद खड़ा कर रहे हैं। आरोप है कि 21 मई को बहना तिवारी, उनकी मां, राजेन्द्र सिंह, गुड्डू तिवारी, सूर्यभान सिंह, पवन तिवारी, हरि बाजपेई समेत पांच-छह अन्य लोग उनकी दुकान पर पहुंचे और दुकान का ताला तोड़कर कब्जा करने का प्रयास करने लगे। पीड़ित के अनुसार शिकायत के बावजूद आरोपियों के हौसले बुलंद रहे और 23 मई को दोबारा दुकान का ताला तोड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही घटनाओं से उनका परिवार दहशत में है। गोपाल साहू का आरोप है कि 26 मई को आरोपियों ने दुकान पर अपना ताला डालकर कब्जा करने की कोशिश की। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए ताला हटवाया और स्थिति को नियंत्रित किया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि 1 जून को आरोपियों ने उनसे हर माह 2500 रुपये रंगदारी की मांग की। रुपये देने से इंकार करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप है कि बहना तिवारी ने उनसे तीन लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि रकम नहीं देने पर उन्हें और उनके बेटों आशीष,विकास और अमित को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा।लगातार मिल रही धमकियों और कब्जे के प्रयासों से परेशान होकर पीड़ित ने एक बार फिर पुलिस की शरण ली। एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे।


