गौरेला विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र ग्राम पंचायत लमना में सुशासन तिहार-2026 के तहत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई और हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कलेक्टर ने शिविर को संबोधित किया शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस शिविर में शामिल होना था, लेकिन हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने के कारण उनका दौरा स्थगित हो गया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शिविर में प्राप्त सभी मांगों और आवेदनों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। राजस्व मामलों के लिए तहसीलों में लगाएंगे विशेष बैठक कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान सबसे अधिक आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हो रहे हैं। इसे देखते हुए राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष पहल की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि वे स्वयं प्रत्येक तहसील कार्यालय में दो दिन तक तहसीलदारों और पटवारियों के साथ बैठेंगे। इस दौरान सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण और नक्शा बटांकन जैसे लंबित मामलों का मौके पर निराकरण किया जाएगा। हालांकि न्यायालयीन प्रकरण इस प्रक्रिया से अलग रहेंगे। पेयजल, राशन और पोषण पर दिया भरोसा गर्मी के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिले में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत तीन माह का राशन सभी उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचा दिया गया है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों के लिए पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कलेक्टर ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद-बीज प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आजीविका संवर्धन योजनाओं के तहत बकरा-बकरी पालन और पशुपालन से जुड़े हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं बन रहीं ‘लखपति दीदी’ कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और बड़ी संख्या में ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। शिविर में आसपास की ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं, जिनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।


