गोपालगंज में भीषण गर्मी, तापमान 44°C तक पहुंचा:डॉक्टर ने नारियल पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी

गोपालगंज में भीषण गर्मी, तापमान 44°C तक पहुंचा:डॉक्टर ने नारियल पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी

गोपालगंज जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले में अधिकतम तापमान 42°C से 44°C के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिससे सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। दोपहर होते-होते मुख्य सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। भीषण गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सदर अस्पताल और स्थानीय मॉडल अस्पताल सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में पेट से संबंधित बीमारियों जैसे फूड पॉइजनिंग, डायरिया, डिहाइड्रेशन, उल्टी और पेट दर्द के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं। ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में ऐसे मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी बढ़ते स्वास्थ्य खतरों को देखते हुए सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टर सनाहुल मुस्तफा ने बताया कि इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी। लोगों को दिनभर में अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, ओआरएस घोल, छाछ, लस्सी और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा गया है। जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें – डॉक्टर डॉक्टर मुस्तफा ने यह भी सलाह दी कि दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, तब बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। घर से निकलते समय कुछ खाकर और पर्याप्त पानी पीकर ही निकलें। लोग खुद को धूप से बचाने के लिए चेहरे और सिर को सूती कपड़े या गमछे से ढंक कर निकल रहे हैं। धूप के चश्मों और छातों का उपयोग भी बढ़ गया है, क्योंकि जिले में पारा लगातार सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। गोपालगंज जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले में अधिकतम तापमान 42°C से 44°C के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिससे सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। दोपहर होते-होते मुख्य सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। भीषण गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सदर अस्पताल और स्थानीय मॉडल अस्पताल सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में पेट से संबंधित बीमारियों जैसे फूड पॉइजनिंग, डायरिया, डिहाइड्रेशन, उल्टी और पेट दर्द के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं। ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में ऐसे मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी बढ़ते स्वास्थ्य खतरों को देखते हुए सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टर सनाहुल मुस्तफा ने बताया कि इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी। लोगों को दिनभर में अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, ओआरएस घोल, छाछ, लस्सी और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा गया है। जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें – डॉक्टर डॉक्टर मुस्तफा ने यह भी सलाह दी कि दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, तब बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। घर से निकलते समय कुछ खाकर और पर्याप्त पानी पीकर ही निकलें। लोग खुद को धूप से बचाने के लिए चेहरे और सिर को सूती कपड़े या गमछे से ढंक कर निकल रहे हैं। धूप के चश्मों और छातों का उपयोग भी बढ़ गया है, क्योंकि जिले में पारा लगातार सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।  

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