Summer Eyes Problems : गर्मियों के मौसम में चलने वाली तेज लू, धूल-मिट्टी, प्रदूषण, पानी की कमी और सूरज की तेज धूप हमारी आंखों को बहुत नुकसान पहुंचाती है। इसकी वजह से आंखों में सूखापन (ड्रायनेस), जलन और इन्फेक्शन बढ़ जाता है।
अमेरिकी हेल्थ एजेंसी CDC की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर हम बिना चश्मा लगाए लंबे समय तक तेज धूप में रहते हैं, तो आखों की रोशनी जाने जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। तो आइए जानते हैं हमारी उन 5 आदतों के बारे में, जो इस मौसम में हमारी आंखों को बीमार बना रही हैं।
1. आंखों में खुजली होने पर उन्हें रगड़ना
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, आंखों को रगड़ना नुकसानदेह है, बिना हाथ धोए आंखों को मलना तो और भी ज्यादा। गर्मियों के मौसम में हवा में धूल-मिट्टी, पसीना और एलर्जी बढ़ाने वाले तत्व बढ़ जाते हैं। जब ये आंखों में जाते हैं, तो खुजली होना स्वाभाविक है। लेकिन जैसे ही आप आंखों को रगड़ते हैं, तो हाथों में मौजूद बैक्टीरिया सीधे आंखों की सतह पर पहुंच जाते हैं। इसके अलावा रगड़ने से धूल के कण आंखों के अंदर तक जा सकते हैं, जिससे आंखों की पुतली (कॉर्निया) को नुकसान पहुंच सकता है और इन्फेक्शन हो सकता है।
2. बिना चश्मे के धूप में निकलना
गर्मियों की तेज धूप में बिना सनग्लासेस (धूप का चश्मा) पहने निकलना आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हेल्थ एजेंसी CDC साफ तौर पर सलाह देती है कि धूप में निकलते समय हमेशा ऐसे सनग्लासेस का इस्तेमाल करना चाहिए जो सूरज की UVA और UVB, दोनों तरह की किरणों से बचा सकें। साधारण चश्मे केवल धूप को कम करते हैं, लेकिन इन किरणों से आंखों का बचाव नहीं कर पाते।
3. शरीर में पानी की कमी होना
तेज गर्मी में जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो उसका सीधा असर हमारी आंखों के आंसुओं (Tears) पर पड़ता है। आंखें खुद को नम रखने के लिए पर्याप्त आंसू नहीं बना पाती हैं। इसके कारण आंखों में ड्रायनेस, चुभन और धुंधलापन महसूस होने लगता है। साथ ही गर्मियों में पर्याप्त पानी न पीना आंखों की सेहत को सीधा नुकसान पहुंचाता है।
4. बिना गॉगल्स के स्विमिंग पूल में नहाना
गर्मी में स्विमिंग पूल के पानी को साफ रखने के लिए उसमें क्लोरीन और कई तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं। यह केमिकल युक्त पानी आंखों की प्राकृतिक नमी को छीन सकते हैं। बिना गॉगल्स (तैरने वाले चश्मे) के स्विमिंग करने से आंखें लाल हो जाती हैं और उनमें लगातार जलन की समस्या बनी रह सकती है।
5. ठंडी हवा के सामने बैठना
गर्मियों में लगातार एसी चलता है। कई लोगों की आदत होती है कि वे एसी की ठंडी हवा के बिल्कुल सामने बैठते हैं। ऐसे में निकलने वाली सीधी हवा आंखों के नेचुरल मॉइश्चर (नमी) को सुखा सकती है। इससे क्रोनिक ड्राय आई सिंड्रोम की समस्या हो सकती है, जिससे आंखों में हमेशा भारीपन बना रह सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


