बेतिया में नाले पर बनी सड़क गढ़े में बदली:पिछले 2 महीने से टूटी ड्रेनेज की स्लैब, खतरे में आना-जाना करते हैं लोग

बेतिया में नाले पर बनी सड़क गढ़े में बदली:पिछले 2 महीने से टूटी ड्रेनेज की स्लैब, खतरे में आना-जाना करते हैं लोग

बेतिया नगर निगम के वार्ड-23 स्थित तीन लालटेन चौक के पास राधा दुलारी कॉलोनी जाने वाली सड़क पर नाले की स्लैब टूट गई है। इससे सड़क पर एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को दुर्घटना का डर सता रहा है। यह समस्या पिछले लगभग दो महीने से बनी हुई है। शहर के व्यस्त मार्गों में से एक होने के कारण यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों को लगातार परेशानी हो रही है। मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। रात के समय यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को गड्ढे का अनुमान नहीं लग पाता, जिससे हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थान विशेष रूप से जोखिमपूर्ण बना हुआ है। समस्या के प्राथमिकता के आधार पर समाधान की अपील स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन से तत्काल स्लैब की मरम्मत कराने, गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी करने और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है। उन्होंने जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए इस समस्या के प्राथमिकता के आधार पर समाधान की अपील की है। बेतिया नगर निगम के वार्ड-23 स्थित तीन लालटेन चौक के पास राधा दुलारी कॉलोनी जाने वाली सड़क पर नाले की स्लैब टूट गई है। इससे सड़क पर एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को दुर्घटना का डर सता रहा है। यह समस्या पिछले लगभग दो महीने से बनी हुई है। शहर के व्यस्त मार्गों में से एक होने के कारण यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों को लगातार परेशानी हो रही है। मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। रात के समय यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को गड्ढे का अनुमान नहीं लग पाता, जिससे हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थान विशेष रूप से जोखिमपूर्ण बना हुआ है। समस्या के प्राथमिकता के आधार पर समाधान की अपील स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन से तत्काल स्लैब की मरम्मत कराने, गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी करने और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है। उन्होंने जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए इस समस्या के प्राथमिकता के आधार पर समाधान की अपील की है।  

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