गयाजी रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF), सीआईबी और जीआरपी की संयुक्त टीम ने ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत गुरुवार को 3 महिला चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से विभिन्न कंपनियों के तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 35,000 रुपए है। यह कार्रवाई रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। यह कार्रवाई गुरुवार को प्लेटफॉर्म संख्या 1C पर सिग्नल नंबर DS-72 के पास नियमित गश्ती और निगरानी अभियान के दौरान हुई। संयुक्त टीम में RPF गया से उप निरीक्षक विकास कुमार, प्रधान आरक्षी विवेकानंद शर्मा, महिला प्रधान आरक्षी इंदु सिन्हा, आरक्षी शशि शेखर, आरक्षी आलोक कुमार सक्सेना शामिल थे। सीआईबी गया से उप निरीक्षक अनिल कुमार चौधरी, प्रधान आरक्षी महेश ठाकुर, सीपीडीएस से उप निरीक्षक मुकेश कुमार तथा जीआरपी गया के प्र.अ.नि मनोज कुमार एवं महिला सिपाही रूबी कुमारी भी इस टीम का हिस्सा थीं। गश्ती के दौरान टीम को महिलाओं की हरकत संदिग्ध दिखी गश्ती के दौरान, टीम ने प्लेटफॉर्म पर तीन महिलाओं को संदिग्ध अवस्था में बैठे देखा। उनके व्यवहार और गतिविधियों पर संदेह होने पर उन्हें रोककर पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में महिलाओं ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए, जिसके बाद गहन पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान सुंदरी देवी (19 वर्ष), पति मुलायम सिंह, निवासी अजगौर बिगहा, बारुन थाना, औरंगाबाद (बिहार) के रूप में हुई है। अन्य दो महिलाएं सोनाली देवी (22 वर्ष), पति झारखंड खरवार, निवासी पटेल नगर वार्ड संख्या-05, बिक्रमगंज, रोहतास (बिहार) और शकीला देवी (22 वर्ष), पति संजोग गोस्वामी, निवासी छोटकी लारी, नायक टोला, राजरप्पा प्रोजेक्ट, रामगढ़ (झारखंड) हैं। तलाशी के दौरान, तीनों महिलाओं के पास से वीवो, वनप्लस और सैमसंग कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद हुए। सभी मोबाइल चालू और लॉक अवस्था में थे। पूछताछ में महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने ये मोबाइल गया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की ट्रेनों से चुराए थे। तीनों महिलाओं को हिरासत में लेकर जीआरपी थाना को सौंपा स्वीकृति के बाद संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्त महिलाओं को हिरासत में ले लिया। बाद में महिला सिपाही की सहायता से उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जीआरपी थाना गया को सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया कि ऑपरेशन यात्री सुरक्षा का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा चोरी, जेबकतरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई करना है। गया रेलवे स्टेशन, जो एक व्यस्त और संवेदनशील स्टेशन माना जाता है, वहां इस तरह की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। इस मामले में कांड संख्या 151/26 दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की जांच शुरू कर दी गई है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन महिलाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। गयाजी रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF), सीआईबी और जीआरपी की संयुक्त टीम ने ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत गुरुवार को 3 महिला चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से विभिन्न कंपनियों के तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 35,000 रुपए है। यह कार्रवाई रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। यह कार्रवाई गुरुवार को प्लेटफॉर्म संख्या 1C पर सिग्नल नंबर DS-72 के पास नियमित गश्ती और निगरानी अभियान के दौरान हुई। संयुक्त टीम में RPF गया से उप निरीक्षक विकास कुमार, प्रधान आरक्षी विवेकानंद शर्मा, महिला प्रधान आरक्षी इंदु सिन्हा, आरक्षी शशि शेखर, आरक्षी आलोक कुमार सक्सेना शामिल थे। सीआईबी गया से उप निरीक्षक अनिल कुमार चौधरी, प्रधान आरक्षी महेश ठाकुर, सीपीडीएस से उप निरीक्षक मुकेश कुमार तथा जीआरपी गया के प्र.अ.नि मनोज कुमार एवं महिला सिपाही रूबी कुमारी भी इस टीम का हिस्सा थीं। गश्ती के दौरान टीम को महिलाओं की हरकत संदिग्ध दिखी गश्ती के दौरान, टीम ने प्लेटफॉर्म पर तीन महिलाओं को संदिग्ध अवस्था में बैठे देखा। उनके व्यवहार और गतिविधियों पर संदेह होने पर उन्हें रोककर पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में महिलाओं ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए, जिसके बाद गहन पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान सुंदरी देवी (19 वर्ष), पति मुलायम सिंह, निवासी अजगौर बिगहा, बारुन थाना, औरंगाबाद (बिहार) के रूप में हुई है। अन्य दो महिलाएं सोनाली देवी (22 वर्ष), पति झारखंड खरवार, निवासी पटेल नगर वार्ड संख्या-05, बिक्रमगंज, रोहतास (बिहार) और शकीला देवी (22 वर्ष), पति संजोग गोस्वामी, निवासी छोटकी लारी, नायक टोला, राजरप्पा प्रोजेक्ट, रामगढ़ (झारखंड) हैं। तलाशी के दौरान, तीनों महिलाओं के पास से वीवो, वनप्लस और सैमसंग कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद हुए। सभी मोबाइल चालू और लॉक अवस्था में थे। पूछताछ में महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने ये मोबाइल गया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की ट्रेनों से चुराए थे। तीनों महिलाओं को हिरासत में लेकर जीआरपी थाना को सौंपा स्वीकृति के बाद संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्त महिलाओं को हिरासत में ले लिया। बाद में महिला सिपाही की सहायता से उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जीआरपी थाना गया को सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया कि ऑपरेशन यात्री सुरक्षा का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा चोरी, जेबकतरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई करना है। गया रेलवे स्टेशन, जो एक व्यस्त और संवेदनशील स्टेशन माना जाता है, वहां इस तरह की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। इस मामले में कांड संख्या 151/26 दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की जांच शुरू कर दी गई है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन महिलाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।


