चंडीगढ़ सेक्टर-18 निवासी 57 वर्षीय गगनदीप कौर साइबर ठगों के जाल में फंसकर 49.91 लाख गंवा बैठीं। ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पुराने भाषण को एआई तकनीक से बदलकर तैयार किए गए डीपफेक वीडियो के जरिए उन्हें निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। यूएस-ईरान युद्ध के दौरान निवेश करने पर अधिक रिटर्न मिलने का लालच देकर आरोपियों ने उनसे कुल 49.91 लाख रुपए विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत मिलने के बाद चंडीगढ़ साइबर सेल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गगनदीप कौर के अनुसार, उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो देखा, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कथित तौर पर एक निवेश योजना का प्रचार करती नजर आ रही थीं। वीडियो में दावा किया गया था कि योजना सेबी से रेगुलेटेड है और 21 हजार रुपए निवेश करने पर महीने के अंत तक 3 लाख रुपए का रिटर्न मिलेगा। वीडियो के साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर उन्होंने अपनी जानकारी दर्ज की और 21 हजार रुपए जमा करा दिए। टेलीग्राम और जूम मीटिंग के जरिए बढ़ाया भरोसा कुछ दिन बाद महिला को फोन आया और बताया गया कि 21 हजार रुपए केवल अकाउंट ओपनिंग फीस है। अधिक लाभ कमाने के लिए बड़ी राशि निवेश करनी होगी। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें टेलीग्राम एप डाउनलोड करवाया और जूम मीटिंग के जरिए लगातार संपर्क में रहे। महिला के बैंक खाते में अपने खातों को बेनिफिशियरी के तौर पर जोड़वाकर ट्रांजेक्शन की पूरी प्रक्रिया खुद संचालित करने लगे। युद्ध का हवाला देकर कराया बड़ा निवेश ठगी के दौरान आरोपियों ने महिला को यह कहकर प्रभावित किया कि यूएस और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनने से बाजार में निवेश का सुनहरा अवसर है। उन्होंने दावा किया कि जितनी अधिक राशि लगाई जाएगी, उतना ज्यादा मुनाफा मिलेगा। इस झांसे में आकर महिला ने दो अलग-अलग बैंकों से 10-10 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद 9.60 लाख और 8.65 लाख रुपए की दो अन्य ट्रांजेक्शन भी कीं। इस तरह कुल 49,91,324 रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए गए। 28 लाख और मांगने पर हुआ शक महिला को तब ठगी का एहसास हुआ, जब आरोपियों ने उनसे अतिरिक्त 28 लाख रुपए और जमा करने की मांग की। जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि वित्त मंत्री का वीडियो असली नहीं था, बल्कि एआई तकनीक के जरिए तैयार किया गया फर्जी वीडियो था। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई। बढ़ रहे हैं निवेश और डीपफेक ठगी के मामले साइबर सेल के अनुसार, चंडीगढ़ और ट्राइसिटी क्षेत्र में निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पहले ठग खुद को सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराते थे, जबकि अब एआई आधारित फर्जी वीडियो और निवेश योजनाओं का सहारा लेकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में सेक्टर-47 के एक बुजुर्ग दंपती से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.25 करोड़ रुपए की ठगी का मामला भी सामने आया था।


