अमिताभकांत की सिफारिश के बाद अब बिल्डर के लिए ओटीएस:शासन को भेजा गया प्रस्ताव, ब्याज पर मिलेगी छूट, बकाया जमा किया तो बढ़ेगी रजिस्ट्री

अमिताभकांत की सिफारिश के बाद अब बिल्डर के लिए ओटीएस:शासन को भेजा गया प्रस्ताव, ब्याज पर मिलेगी छूट, बकाया जमा किया तो बढ़ेगी रजिस्ट्री

अमिताभकांत रिपोर्ट की सिफारिशों के बावजूद नोएडा प्राधिकरण बिल्डरों से बकाया नहीं वसूल कर पाया। कई बिल्डरों ने सिफारिशों का लाभ उठाने के बाद भी बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया। छूट का लाभ लेकर फ्लैट खरीदारों के पक्ष में रजिस्ट्री भी नहीं कराई। फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री के लिए छूट देने अब ओटीएस का एक प्रस्ताव तैयार किया गया। जिसे शासन को भेजा गया। इस प्रस्ताव के तहत बिल्डरों से बकाया वसूलने के लिए वन टाइम सेटेलमेंट (ओटीएस) स्कीम लाने की योजना है, जिसके माध्यम से बिल्डर एक बार में बकाया राशि का भुगतान करेंगे। भुगतान के बाद हजारों फ्लैट खरीदारों को उनके मालिकाना हक का रास्ता साफ हो जाएगा। ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि इस प्रस्ताव को शासन को भेजा गया है। अगले सप्ताह कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी। राहत पैकेज में दी थी सुविधा
21 दिसंबर 2023 को अमिताभकांत रिपोर्ट की सिफारिशों का शासनादेश प्राधिकरण में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य था कि बिल्डर और फ्लैट खरीदारों के बीच चल रहे विवाद को समाप्त कर रजिस्ट्री कराई जाए, जिससे खरीदारों को उनके आशियाने का मालिकाना हक मिल सके। इसके लिए 57 बिल्डरों को राहत पैकेज दिया गया। जिसके तहत वह कुल बकाया का 25 प्रतिशत जमा करते हैं, तो उन्हें 2013 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के तहत सेक्टर-95 स्थित ओखला पक्षी विहार के दस किलोमीटर परिधि में निर्माण कार्य बंद रखने के दौरान का जीरो पीरियड लाभ भी दिया जाएगा। इसके अलावा, कोरोना काल का लाभ भी उन्हें दिया जाएगा। 27 बिल्डरों ने 25 प्रतिशत राशि जमा कर दी और कोरोना काल का लाभ लिया। इसके साथ ही 13 बिल्डरों ने एनजीटी का लाभ भी उठाया। अमिताभ कांत के तहत 1200 करोड़ आए
हालांकि, इस योजना के तहत 57 बिल्डरों से नई गणना के अनुसार कुल बकाया में से 5500 करोड़ रुपये प्राधिकरण को मिलना था। 21 हजार से अधिक फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री कराई जानी थी। 12 बिल्डरों ने प्राधिकरण के नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। 14 बिल्डरों ने अमिताभकांत रिपोर्ट की सिफारिशों पर सहमति जताते हुए आंशिक भुगतान किया। पिछले दो सालों में प्राधिकरण को केवल 1200 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जिसके कारण मात्र 4364 फ्लैट खरीदारों के पक्ष में रजिस्ट्री हो सकी है। इसी महीने आ सकती है ओटीएस
ऐसे में बिल्डरों को राहत और रजिस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए ओटीएस स्कीम लांच की जा रही है। बोर्ड से मंजूरी के बाद इसे शासन को भेजा गया है। वहां से अप्रूव होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।

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