सुरसंड के ख्वाजा नगर मोहल्ले में बुधवार रात ‘तामीरे बेदारी कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शैक्षणिक विकास के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना था। इसमें शिक्षाविदों, साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित शायरों और वक्ताओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि वक्ता मौलाना हासिम असरफी ने आधुनिक समाज में शिक्षा की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। मौलाना इमामुद्दीन कादरी ने “आधी रोटी खाएंगे, बच्चों को पढ़ाएंगे” का नारा बुलंद करते हुए शिक्षा को हर परिवार की प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। स्थानीय विधायक प्रो. नागेंद्र राउत, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार एवं हाजी असलम अंसारी ने इन विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लेखिका नैना साहू को “शाने सुरसंड” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने क्षेत्र की निम्न साक्षरता दर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, कौशल और संस्कारयुक्त शिक्षा के बिना किसी समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से शिक्षा के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया। लेखिका नैना साहू ने बालिका शिक्षा को समावेशी विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने महिलाओं की शैक्षणिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में समान भागीदारी पर बल दिया। स्थानीय विधायक प्रो. नागेंद्र राउत ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सहयोग और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रो. गौहर सिद्दीकी के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रवीण कुमार मिश्र, नवीन कुमार मिश्र, पूर्व मुखिया सह जदयू के वरिष्ठ नेता प्रो. शैलेश कुमार झा, नूरुल होदा, मनोज राय, जिला पार्षद प्रतिनिधि सह जदयू नेता नसीबुल हक, इरशाद आलम सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि एवं हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। आयोजक नूरुल होदा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सुरसंड के ख्वाजा नगर मोहल्ले में बुधवार रात ‘तामीरे बेदारी कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शैक्षणिक विकास के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना था। इसमें शिक्षाविदों, साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित शायरों और वक्ताओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि वक्ता मौलाना हासिम असरफी ने आधुनिक समाज में शिक्षा की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। मौलाना इमामुद्दीन कादरी ने “आधी रोटी खाएंगे, बच्चों को पढ़ाएंगे” का नारा बुलंद करते हुए शिक्षा को हर परिवार की प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। स्थानीय विधायक प्रो. नागेंद्र राउत, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार एवं हाजी असलम अंसारी ने इन विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लेखिका नैना साहू को “शाने सुरसंड” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने क्षेत्र की निम्न साक्षरता दर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, कौशल और संस्कारयुक्त शिक्षा के बिना किसी समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से शिक्षा के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया। लेखिका नैना साहू ने बालिका शिक्षा को समावेशी विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने महिलाओं की शैक्षणिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में समान भागीदारी पर बल दिया। स्थानीय विधायक प्रो. नागेंद्र राउत ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सहयोग और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रो. गौहर सिद्दीकी के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रवीण कुमार मिश्र, नवीन कुमार मिश्र, पूर्व मुखिया सह जदयू के वरिष्ठ नेता प्रो. शैलेश कुमार झा, नूरुल होदा, मनोज राय, जिला पार्षद प्रतिनिधि सह जदयू नेता नसीबुल हक, इरशाद आलम सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि एवं हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। आयोजक नूरुल होदा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


