बिजली आपूर्ति की बदहाली और अधिकारियों की अनदेखी को लेकर फतेहाबाद के जाखलखंड के गांव चांदपुरा के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को बड़ी संख्या में एकत्रित ग्रामीणों ने जाखल स्थित विद्युत निगम कार्यालय का घेराव कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों की मुख्य मांग चांदपुरा फीडर को म्योंद कलां के नए बिजली घर से जोड़ने की है। 25 किमी लंबी लाइन: ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज से ग्रामीण परेशान
आधी रात को उतारी गईं 11,000 वोल्ट की तारें, जांच की मांग धरने के दौरान ग्रामीणों ने बिजली निगम के कर्मचारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि बीती रात बिना किसी आधिकारिक अनुमति और सुरक्षा उपायों के, म्योंद कलां लाइन पर डाली गई तारों को 11 हजार वोल्टेज की चालू विद्युत लाइन से नीचे उतार दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग पहले से लगाए गए पोल और तारों को अब वहां से हटा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अधिकारियों का आश्वासन; एक हफ्ते का अल्टीमेटम बिजली निगम के एसडीओ राकेश कुमार का कहना है कि बिना अनुमति के हाई वोल्टेज लाइन से तारें हटाने के गंभीर मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है, जिसकी पुलिस जांच जारी है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त नियम अनुसार कार्रवाई होगी। इसके साथ ही, ग्रामीणों की बिजली की समस्या को दूर करने के लिए जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे। बड़े आंदोलन की दी चेतावनी विद्युत निगम कार्यालय में चल रहे भारी विरोध-प्रदर्शन की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीओ राकेश कुमार ने ग्रामीणों को शांत कराया और उनकी समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझाने का लिखित आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों ने धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में चांदपुरा फीडर को नए बिजली घर से नहीं जोड़ा गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।


