मुंबई को सौगात: 6 जून से खुलेगा मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन, पश्चिमी उपनगर में घटेगा ट्रैफिक

मुंबई को सौगात: 6 जून से खुलेगा मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन, पश्चिमी उपनगर में घटेगा ट्रैफिक

मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में रहने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे इंतजार के बाद मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन का उद्घाटन शनिवार (6 जून) की सुबह किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना के शुरू होने से गोरेगांव और राम मंदिर क्षेत्र के बीच यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।

करीब 750 मीटर लंबे और चार लेन वाले इस फ्लाईओवर के जरिए राम मंदिर और गोरेगांव के बीच सीधी कनेक्टिविटी होगी, जिससे रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों का समय बचेगा और ट्रैफिक से राहत मिलेगी। वर्तमान में गोरेगांव में रेलवे क्रॉसिंग और आसपास के मार्गों पर अक्सर लंबा जाम देखने को मिलता है। नई कनेक्टिविटी से वाहन चालकों को वैकल्पिक और तेज मार्ग मिलेगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा।

2016 में खुला था मुख्य फ्लाईओवर

मृणालताई गोरे रेलवे फ्लाईओवर का मुख्य हिस्सा 2016 में यातायात के लिए खोला गया था। हालांकि, इसके दोनों एप्रोच आर्म्स का निर्माण कार्य बाकी था। प्रत्येक एप्रोच आर्म की लंबाई लगभग 390 मीटर है।

देरी के कारण 209 करोड़ रुपये से बढ़ी लागत

जब इस परियोजना की शुरुआत की गई थी, तब इसकी अनुमानित लागत 209 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। लेकिन निर्माण के दौरान कई चुनौतियों और अतिरिक्त कार्यों के कारण अंतिम लागत बढ़कर 248 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

वर्ष 2023 में बीएमसी ने परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी थी, जिसके तहत खर्च बढ़ाकर 240 करोड़ रुपये किया गया था। बाद में तकनीकी जटिलताओं और अतिरिक्त निर्माण कार्यों के चलते लागत में और वृद्धि हुई। जिससे इस परियोजना की अंतिम लागत 248 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

कोरोना महामारी बनी देरी की बड़ी वजह

फ्लाईओवर एक्सटेंशन परियोजना को वर्ष 2018 में प्रशासनिक मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य मार्च 2019 को शुरू हुआ था। 750 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर को 24 महीनों के भीतर पूरा किया जाना था। हालांकि, कोरोना महामारी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ, जिससे परियोजना की समयसीमा कई बार बढ़ानी पड़ी।

अब मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन के शुरू होने के साथ ही मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में यातायात नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी। वर्षों से लंबित इस परियोजना के पूरा होने से न केवल गोरेगांव और राम मंदिर क्षेत्र के यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पूरे पश्चिमी उपनगर में ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा।

सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया ब्रिज

इस एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि आधुनिक नागरिक सुविधाओं का भी विशेष ख्याल रखा गया है। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ और अन्य रास्तों का विकास किया गया है। आस-पास की सोसायटियों और रिहायशी इलाकों को पुल के शोर-शराबे से बचाने के लिए विशेष रूप से नॉइज बैरियर लगाए गए हैं।

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