शहर की सफाई करने वाले गंदगी में रहने को मजबूर:मधेपुरा के मल्लिक टोला में जलजमाव और बदबू से बढ़ी परेशानी

शहर की सफाई करने वाले गंदगी में रहने को मजबूर:मधेपुरा के मल्लिक टोला में जलजमाव और बदबू से बढ़ी परेशानी

मधेपुरा नगर परिषद के वार्ड दो स्थित मल्लिक टोला में सफाई और जलनिकासी व्यवस्था बदहाल है। सड़क और नालियों का गंदा पानी जमा होने से पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। गंदगी और बदबू के कारण बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सामान्य दिनों में भी नालियों का पानी सड़कों पर बहता है। इससे राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाई होती है। निचले स्तर पर बने घरों में गंदा पानी घुस जाता है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। नगर परिषद समाधान के प्रति गंभीर नहीं बुधवार को पूर्व पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता कुमारी विनीता भारती ने मल्लिक टोला का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। भारती ने क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन नगर परिषद इसके समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। विनीता भारती ने बताया कि मल्लिक टोला के अधिकांश निवासी नगर परिषद में सफाईकर्मी के तौर पर कार्यरत हैं। वे पूरे शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, विडंबना यह है कि जो लोग पूरे नगर परिषद क्षेत्र की सफाई करते हैं, वे स्वयं गंदगी और जलजमाव के बीच रहने को विवश हैं। आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे लोग उन्होंने आगे कहा कि इलाके के बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं और राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भारती ने आरोप लगाया कि मधेपुरा नगर परिषद विकास की दिशा से भटक गया है और जनसमस्याओं के समाधान के प्रति प्रशासनिक उदासीनता स्पष्ट दिखती है। विनीता भारती के अनुसार, मल्लिक टोला की यह स्थिति नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने यह भी बताया कि यह समस्या केवल इसी वार्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर परिषद के कई अन्य वार्डों में भी सफाई और जलनिकासी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शहर में कहीं भी संतोषजनक सफाई व्यवस्था नहीं उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था पर प्रतिमाह 25 से 30 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद शहर में कहीं भी संतोषजनक सफाई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से अविलंब जलनिकासी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की, ताकि लोगों को नारकीय जीवन से राहत मिल सके। मधेपुरा नगर परिषद के वार्ड दो स्थित मल्लिक टोला में सफाई और जलनिकासी व्यवस्था बदहाल है। सड़क और नालियों का गंदा पानी जमा होने से पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। गंदगी और बदबू के कारण बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सामान्य दिनों में भी नालियों का पानी सड़कों पर बहता है। इससे राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाई होती है। निचले स्तर पर बने घरों में गंदा पानी घुस जाता है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। नगर परिषद समाधान के प्रति गंभीर नहीं बुधवार को पूर्व पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता कुमारी विनीता भारती ने मल्लिक टोला का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। भारती ने क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन नगर परिषद इसके समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। विनीता भारती ने बताया कि मल्लिक टोला के अधिकांश निवासी नगर परिषद में सफाईकर्मी के तौर पर कार्यरत हैं। वे पूरे शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, विडंबना यह है कि जो लोग पूरे नगर परिषद क्षेत्र की सफाई करते हैं, वे स्वयं गंदगी और जलजमाव के बीच रहने को विवश हैं। आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे लोग उन्होंने आगे कहा कि इलाके के बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं और राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भारती ने आरोप लगाया कि मधेपुरा नगर परिषद विकास की दिशा से भटक गया है और जनसमस्याओं के समाधान के प्रति प्रशासनिक उदासीनता स्पष्ट दिखती है। विनीता भारती के अनुसार, मल्लिक टोला की यह स्थिति नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने यह भी बताया कि यह समस्या केवल इसी वार्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर परिषद के कई अन्य वार्डों में भी सफाई और जलनिकासी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शहर में कहीं भी संतोषजनक सफाई व्यवस्था नहीं उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था पर प्रतिमाह 25 से 30 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद शहर में कहीं भी संतोषजनक सफाई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से अविलंब जलनिकासी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की, ताकि लोगों को नारकीय जीवन से राहत मिल सके।  

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