शतरंज के ‘बादशाह’ Carlsen पर भारी पड़े Indian GM Praggnanandhaa, क्लासिकल में लगातार दूसरी जीत

शतरंज के ‘बादशाह’ Carlsen पर भारी पड़े Indian GM Praggnanandhaa, क्लासिकल में लगातार दूसरी जीत

 भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ने फिर से कहा कि उन्हें दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन का सामना करने से डर नहीं लगता बल्कि इससे वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
प्रज्ञाननंदा ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में लगातार दूसरी बार क्लासिकल बाजी में कार्लसन को हराया। यह उनकी नार्वे के खिलाड़ी के खिलाफ क्लासिकल वर्ग में तीसरी जीत है।
प्रज्ञाननंदा ने मैच के बाद कहा,‘‘उन्हें किसी भी प्रारूप में हराकर अच्छा लगता है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के इस चरण में जीत हासिल करनी है और वह भी क्लासिकल प्रारूप में, जिससे आपको पूरे तीन अंक मिलते हैं।’’
भारतीय खिलाड़ी की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने इसे काले मोहरों से खेलते हुए हासिल किया। इससे पहले उन्होंने सफेद मोहरों से खेलते हुए भी कार्लसन को हराया था।
प्रज्ञाननंदा ने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि मुझे उनका सामना करने में डर लगता है। इसके विपरीत मुझे उनका सामना करने में मजा आता है। इससे मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरणा मिलती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उनकी मौजूदगी मुझ पर किसी तरह का प्रभाव डालती है। हमने कई बार एक दूसरे को कड़ी चुनौती दी है और मुझे उनके खिलाफ खेलना पसंद है। वह कड़ी चुनौती पेश करता है। 

 भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ने फिर से कहा कि उन्हें दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन का सामना करने से डर नहीं लगता बल्कि इससे वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
प्रज्ञाननंदा ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में लगातार दूसरी बार क्लासिकल बाजी में कार्लसन को हराया। यह उनकी नार्वे के खिलाड़ी के खिलाफ क्लासिकल वर्ग में तीसरी जीत है।

प्रज्ञाननंदा ने मैच के बाद कहा,‘‘उन्हें किसी भी प्रारूप में हराकर अच्छा लगता है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के इस चरण में जीत हासिल करनी है और वह भी क्लासिकल प्रारूप में, जिससे आपको पूरे तीन अंक मिलते हैं।’’
भारतीय खिलाड़ी की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने इसे काले मोहरों से खेलते हुए हासिल किया। इससे पहले उन्होंने सफेद मोहरों से खेलते हुए भी कार्लसन को हराया था।

प्रज्ञाननंदा ने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि मुझे उनका सामना करने में डर लगता है। इसके विपरीत मुझे उनका सामना करने में मजा आता है। इससे मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरणा मिलती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उनकी मौजूदगी मुझ पर किसी तरह का प्रभाव डालती है। हमने कई बार एक दूसरे को कड़ी चुनौती दी है और मुझे उनके खिलाफ खेलना पसंद है। वह कड़ी चुनौती पेश करता है।

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