भागलपुर में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले कई दिनों से सुरक्षा गार्डों का आंदोलन चल रहा था। सोमवार को मारपीट हुई थी। घटना के बाद स्थिति सामान्य हो गई है। सुरक्षा गार्ड वेतन वृद्धि, पीएफ की सुविधा, वर्दी मद की राशि सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जो वार्ता के बाद काम पर लौट गए हैं। सुरक्षा एजेंसी ने मांगों पर विचार करने के लिए 2 दिन का समय मांगा है। दूसरी तरफ अस्पताल परिसर में हड़ताली गार्ड्स और नए सुरक्षा कर्मियों के बीच हुई मारपीट के मामले में बरारी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सामंता सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विस के सुपरवाइजर सह सेवानिवृत्त सेना जवान अनिल कुमार सिंह के आवेदन पर 12 सुरक्षा गार्डों को नामजद और 30 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, ड्यूटी पर तैनात नए गार्डों के साथ मारपीट करने और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है। कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हुई थी दरअसल, सुरक्षा गार्ड पिछले कई दिनों से वेतन वृद्धि, भविष्य निधि (पीएफ) की नियमित कटौती और जमा, अवकाश की सुविधा, वर्दी मद की राशि और अन्य श्रम संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। मांगों को लेकर उन्होंने अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने लगी थी। सोमवार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल अधीक्षक कार्यालय के समीप प्रदर्शन कर रहे गार्ड्स को समझाने का प्रयास किया गया। इसी दौरान एजेंसी की ओर से बांका और मुंगेर से नए सुरक्षा गार्डों को बुलाकर ड्यूटी पर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसका आंदोलनरत गार्डों ने विरोध किया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई, जिसमें कई लोग घायल हुए। बीच-बचाव करने पहुंचे सुपरवाइजर अनिल कुमार सिंह के साथ भी मारपीट की गई। भागलपुर में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले कई दिनों से सुरक्षा गार्डों का आंदोलन चल रहा था। सोमवार को मारपीट हुई थी। घटना के बाद स्थिति सामान्य हो गई है। सुरक्षा गार्ड वेतन वृद्धि, पीएफ की सुविधा, वर्दी मद की राशि सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जो वार्ता के बाद काम पर लौट गए हैं। सुरक्षा एजेंसी ने मांगों पर विचार करने के लिए 2 दिन का समय मांगा है। दूसरी तरफ अस्पताल परिसर में हड़ताली गार्ड्स और नए सुरक्षा कर्मियों के बीच हुई मारपीट के मामले में बरारी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सामंता सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विस के सुपरवाइजर सह सेवानिवृत्त सेना जवान अनिल कुमार सिंह के आवेदन पर 12 सुरक्षा गार्डों को नामजद और 30 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, ड्यूटी पर तैनात नए गार्डों के साथ मारपीट करने और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है। कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हुई थी दरअसल, सुरक्षा गार्ड पिछले कई दिनों से वेतन वृद्धि, भविष्य निधि (पीएफ) की नियमित कटौती और जमा, अवकाश की सुविधा, वर्दी मद की राशि और अन्य श्रम संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। मांगों को लेकर उन्होंने अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने लगी थी। सोमवार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल अधीक्षक कार्यालय के समीप प्रदर्शन कर रहे गार्ड्स को समझाने का प्रयास किया गया। इसी दौरान एजेंसी की ओर से बांका और मुंगेर से नए सुरक्षा गार्डों को बुलाकर ड्यूटी पर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसका आंदोलनरत गार्डों ने विरोध किया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई, जिसमें कई लोग घायल हुए। बीच-बचाव करने पहुंचे सुपरवाइजर अनिल कुमार सिंह के साथ भी मारपीट की गई।


