‘2 लड़कियों की शादी हो सकती है, सोचा नहीं था’:BPSC टीचर की मां बोली- पढ़ाकर नौकरी दिलाई, कहती थी- घर संभालूंगी; बहनों की लव स्टोरी

‘2 लड़कियों की शादी हो सकती है, सोचा नहीं था’:BPSC टीचर की मां बोली- पढ़ाकर नौकरी दिलाई, कहती थी- घर संभालूंगी; बहनों की लव स्टोरी

“बेटी ने हमारी इज्जत का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा। आज हम लोग किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। हमारी सारी इज्जत मिट्टी में मिल गई है। हमने सोचा था वो BPSC टीचर बन गई है। सरकारी नौकरी के बाद हमारे घर की स्थिति को सुधार देगी। सभी भाई-बहनों को अच्छे से पढ़ाएगी, लेकिन उसने तो हमें किसी लायक नहीं छोड़ा। अब मेरी बेटियों से कौन शादी करेगा?” ये कहना है नयनश्री की मां बबीता देवी का, जो 2 दिनों से लगातार रोए जा रहीं हैं। अपनी बेटी के इंतजार में उनकी आंखें तक सूज गई है। जमुई में BPSC शिक्षिका ने अपनी बहन का जेंडर चेंज करवाकर उससे शादी कर ली। अब इस शादी के बाद परिवार के लोग खुद को सामाजिक और मानसिक संकट में घिरा हुआ महसूस कर रहे हैं। मां और बहन का कहना है कि उन्हें इस रिश्ते और शादी की भनक तक नहीं थी। मामला लक्ष्मीपुर प्रखंड के हरला गांव का है। नयनश्री कैसे स्वभाव की थी? कैसे राखी ने शादी के लिए दबाव बनाया? कहां से शुरू हुई थी प्यार की शुरूआत? परिवारवालों को इसके बारे में कैसे जानकारी नहीं मिली? इन सवालों का जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम नयनश्री के घर पहुंची। वहां उसकी मां-बहन से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले देखिए शादी से जुड़ी कुछ तस्वीरें… लड़की-लड़की के बीच भी शादी होती है, हमें नहीं पता था दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए नयनश्री की मां बबीता देवी कहती हैं, ‘हमें अपनी बेटी पर गर्व था। वो बचपन से ही काफी समझदार थी। हमने कभी भी अपनी बेटी को राखी से दोस्ती रखने से नहीं रोका था, क्योंकि दोनों रिश्ते में बहनें थीं। बचपन से एक-दूसरे के साथ रहती थीं।’ रोते हुए उन्होंने कहा, ‘हमें क्या पता था लड़की-लड़की के बीच भी कुछ होता है। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि यह दोस्ती शादी तक पहुंच जाएगी। बेटी ने हमारी इज्जत का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा। आज हमलोग किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं।’ छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी छोड़ भाग गई बेटी मां ने आगे कहा, ‘मेरे पति ने दिन-रात मेहनत कर सभी बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। अभी एक साल पहले ही बड़ी बेटी नयनश्री टीचर बनी थी। हम लोगों को लगा था कि अब हमारी जिंदगी सुधर जाएगी। बेटी नौकरी करेगी, अपने छोटे भाई-बहनों को पढ़ाएगी, आगे बढ़ाएगी, परिवार का सहारा बनेगी। लेकिन उसने एक बार भी नहीं सोचा कि उसके इस फैसले का परिवार पर क्या असर पड़ेगा।’ हमारे घर अपनी बेटी कौन देगा बबीता देवी ने कहा कि वो अपनी जिंदगी में जो करना चाहती थी, कर लिया। लेकिन हमारे बारे में नहीं सोचा। अब मेरी तीन और बेटियां हैं। इस घटना के बाद कौन हमारे घर रिश्ता लेकर आएगा? कौन अपनी बेटी हमारे घर देगा और कौन हमारी बेटियों को अपने घर की बहू बनाएगा? यही सोच-सोचकर रातभर नींद नहीं आती है। जिस बेटी से परिवार ने सबसे ज्यादा उम्मीदें लगाई थीं, उसी के फैसले ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। गांव के लोगों और रिश्तेदार लगातार फोन कर रहे हैं। लोग तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं, जिससे परिवार और भी ज्यादा मानसिक दबाव में है। बेटी के इस फैसले ने पूरे परिवार को मुश्किल में डाल दिया है। हमने अपनी बेटी के लिए हमेशा अच्छे भविष्य का सपना देखा था, लेकिन आज वही सपना हमारे लिए सबसे बड़ा दर्द बन गया है। मेरी बहन ऐसी नहीं थी, उसे बहला-फुसलाकर राखी ने शादी कर ली नयनश्री की छोटी बहन ने बताया कि इस शादी की हमलोगों को कोई जानकारी नहीं थी। मेरी बहन को बहला-फुसलाकर शादी के लिए तैयार किया गया। वो पढ़ाई में बहुत तेज थी। वो परिवार की जिम्मेदारियों को समझने वाली और बेहद साधारण स्वभाव की लड़की थी। वह नियमित रूप से स्कूल जाती थी और घर लौटकर परिवार के साथ समय बिताती थी। उसके व्यवहार, रहन-सहन या जीवनशैली में कभी ऐसा कुछ नजर नहीं आया, जिससे परिवार को इस तरह की किसी घटना की आशंका होती। बहन ने आरोप लगाया कि राखी (अब राहुल) के संपर्क में आने के बाद दीदी (नयनश्री) के व्यवहार में बदलाव आ गया था। करीब एक साल पहले दीदी को सरकारी नौकरी लगा। इसके बाद राखी ने अपना दिमाग चलाया और नयनश्री के नजदीक आने लगी। उसे सिर्फ पैसों से मतलब था। परिवार को बताया गया था कि एग्जाम और पढ़ाई के सिलसिले में दोनों साथ जा रही हैं, लेकिन बाद में जेंडर परिवर्तन और विवाह की बातें सामने आईं थी। बहन को धमकी देकर राखी ने की शादी बहन ने कहा कि परिवार को यह भी बताया गया था कि दिल्ली में एग्जाम होने वाला है। इसलिए हम और राखी दोनों साथ जा रहे हैं। करीब एक महीने बाद हमें जानकारी मिली कि राखी ने अपना जेंडर चेंज करवा लिया है। राखी ने मेरी बहन पर फोर्स डालकर उससे साइन करवाया था। इस ऑपरेशन में जो पैसे लगे थे वो राखी (राहुल) की मां ने दिया था। उसका शुरू से मन था कि उन्हें एक बेटा हो। इसी वजह से वो राखी का जेंडर चेंज करवाना चाहती थी। राखी और उसकी मां दोनों ने मिलकर मेरी बहन नयनश्री को फंसाया है। जेंडर चेंज करवाने के बाद राखी ने मेरी बहन पर मानसिक दवाब डालकर शादी कर ली। उसने धमकी दी थी कि अगर तुम मुझसे शादी नहीं करोगी तो मैं सबलोगों से हमारे रिलेशन के बारे में झूठ बता दूंगी। इसी डर से उसने शादी कर ली। वो अक्सर कहती थी कि जब मेरी नौकरी लग जाएगी तो मैं पूरे घरवालों का ध्यान रखूंगी। पूरे परिवार को सहयोग करूंगी। ऐसे में परिवार के लिए इस शादी को स्वीकार करना कठिन है। घर से भागी दीदी-राखी छोटी बहन ने आगे बताया, 31 मई की सुबह 11 बजे दीदी स्कूल जाने के लिए निकली थी। उसी दिन शाम 5 बजे हमें राखी के परिवारवालों से जानकारी मिली कि नयनश्री ने शादी कर ली है। हम लोग परेशान हो गए। माता-पिता तुरंत राखी के घर पहुंचे, लेकिन तब तक उसके परिवार वालों ने दीदी और राहुल को घर से भगा दिया था। दो दिनों से उनलोगों का फोन बंद आ रहा है। कहां है, किस हालात में हमें कोई जानकारी नहीं है। हमारे पिता लंबे समय से अस्वस्थ रहते हैं। इस घटना से परिवार को गहरा मानसिक दुख पहुंचा है। मेरे माता-पिता की तबीयत पर कोई खराब असर पड़ता है, तो इसकी जिम्मेदार राखी, उसकी मां और दीदी जिम्मेदार होंगी। अब जानिए कौन हैं नयनश्री और राहुल (राखी) राहुल (पूर्व में राखी कुमारी) और नयनश्री कुमारी दोनों फुफेरी बहन हैं। बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। नयनश्री की चाची और राहुल के पिता भाई बहन हैं। दोनों लड़कियों का एक-दूसरे के घर आना जाना होता था। नयनश्री के पिता पटना में सचिवालय में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी हैं। जबकि राहुल के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। दोनों सामान्य परिवारों से आते हैं। साल 2019 में नयनश्री और राहुल ने एक साथ मैट्रिक पास किया। इसके बाद 11वीं-12वीं में साथ कोचिंग ली। यहीं से दोनों के बीच प्यार शुरू हो गया। दोनों ने जिद्द कर के एक ही जगह से ग्रेजुएशन किया। जहां हॉस्टल के एक ही कमरे में साथ रहे। दोनों को अक्सर साथ देखा जाता था। पढ़ाई, कोचिंग, बाजार या किसी दूसरे काम से जाना हो, दोनों साथ रहती थीं। पटना में रहकर बढ़ी नजदीकियां 2023 में नयनश्री और राखी (अब राहुल) ने BPSC की तैयारी करने का फैसला किया। इसके लिए दोनों पटना जाकर पढ़ाई करना चाहते थे। दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध थे, इसलिए परिजन ने दोनों बहनों को साथ में पढ़ाई के लिए पटना भेज दिया। 2025 में नयनश्री ने BPSC परीक्षा पास की। इसके बाद उनका चयन TRE-3 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत हुआ। चयन के बाद उन्होंने नौकरी जॉइन कर ली। अभी वे लक्ष्मीपुर के प्राइमरी स्कूल मेदनीपुर में पोस्टेड हैं। 8 लाख रुपए लोन लेकर राखी का जेंडर चेंज कराया वार्ड सदस्य राजेश ने बताया, राखी कुमारी ने करीब 6 महीने पहले जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके लिए नयनश्री ने अपने नाम पर बैंक से लगभग 8 लाख रुपए का लोन लिया था। नयनश्री का मानना था कि वह सरकारी शिक्षिका हैं, इसलिए अगर वो खुद जेंडर ट्रांजिशन करातीं, तो नौकरी में कुछ दिक्कतें आ सकती थीं।” उन्होंने आगे कहा, “इसी वजह से नयनश्री ने राखी को जेंडर ट्रांजिशन कराने के लिए कहा। राखी ने अपने परिवार को बिना बताए दिल्ली के AIIMS में ऑपरेशन कराया। करीब एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद वह घर लौटी। तब जाकर राखी के परिवार वालों को पता चला कि वो लड़का है। शादी के बाद विरोध, घर से भागे दोनों राहुल की बड़ी बहन रेणु देवी ने बताया, रविवार की रात नयनश्री के माता-पिता हमारे घर पहुंचे। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। वे लोग इस शादी को नहीं मान रहे थे। इसी वजह से हंगामा करते हुए हमारे घर का गेट तोड़ने लगे। जैसे-तैसे हमने राखी और नयनश्री को पीछे के दरवाजे से भगा दिया। फिलहाल, दोनों कहां हैं, हमें इसके बारे में कुछ पता नहीं है। दोनों का फोन भी ऑफ आ रहा है। पुलिस बोली- दोनों बालिग, अपनी मर्जी के मालिक हंगामा होने पर गांव वालों ने डायल-112 को सूचना दी। टीम मौके पर भी पहुंची, लेकिन पुलिस का कहना है कि हमें ना कोई आवेदन मिला है। ना किसी को कोई आपत्ति है। दोनों बालिग हैं। किसी तरह की कोई शिकायत मिलती है तो हम एक्शन लेंगे। कानून दोनों स्वतंत्र हैं। अब जानिए क्या कहता है कानून भारत में दो लड़कियों के आपस में शादी करने को कानूनी मान्यता नहीं है। भारतीय कानून (जैसे हिंदू मैरिज एक्ट या स्पेशल मैरिज एक्ट) के तहत केवल एक पुरुष और एक महिला के बीच ही शादी हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया था। इसलिए दो लड़कियां कानूनी रूप से शादी नहीं कर सकतीं। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने ‘नवतेज सिंह जोहर’ मामले में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटा दिया था। यानी बालिग होने पर आपसी सहमति से साथ रहना अपराध नहीं है। समलैंगिक जोड़े बिना किसी बाधा या परिवार के हस्तक्षेप के सम्मानजनक तरीके से ‘लिव-इन’ में रह सकते हैं। अदालतों ने ऐसे जोड़ों को पुलिस सुरक्षा भी प्रदान की है। “बेटी ने हमारी इज्जत का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा। आज हम लोग किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। हमारी सारी इज्जत मिट्टी में मिल गई है। हमने सोचा था वो BPSC टीचर बन गई है। सरकारी नौकरी के बाद हमारे घर की स्थिति को सुधार देगी। सभी भाई-बहनों को अच्छे से पढ़ाएगी, लेकिन उसने तो हमें किसी लायक नहीं छोड़ा। अब मेरी बेटियों से कौन शादी करेगा?” ये कहना है नयनश्री की मां बबीता देवी का, जो 2 दिनों से लगातार रोए जा रहीं हैं। अपनी बेटी के इंतजार में उनकी आंखें तक सूज गई है। जमुई में BPSC शिक्षिका ने अपनी बहन का जेंडर चेंज करवाकर उससे शादी कर ली। अब इस शादी के बाद परिवार के लोग खुद को सामाजिक और मानसिक संकट में घिरा हुआ महसूस कर रहे हैं। मां और बहन का कहना है कि उन्हें इस रिश्ते और शादी की भनक तक नहीं थी। मामला लक्ष्मीपुर प्रखंड के हरला गांव का है। नयनश्री कैसे स्वभाव की थी? कैसे राखी ने शादी के लिए दबाव बनाया? कहां से शुरू हुई थी प्यार की शुरूआत? परिवारवालों को इसके बारे में कैसे जानकारी नहीं मिली? इन सवालों का जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम नयनश्री के घर पहुंची। वहां उसकी मां-बहन से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले देखिए शादी से जुड़ी कुछ तस्वीरें… लड़की-लड़की के बीच भी शादी होती है, हमें नहीं पता था दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए नयनश्री की मां बबीता देवी कहती हैं, ‘हमें अपनी बेटी पर गर्व था। वो बचपन से ही काफी समझदार थी। हमने कभी भी अपनी बेटी को राखी से दोस्ती रखने से नहीं रोका था, क्योंकि दोनों रिश्ते में बहनें थीं। बचपन से एक-दूसरे के साथ रहती थीं।’ रोते हुए उन्होंने कहा, ‘हमें क्या पता था लड़की-लड़की के बीच भी कुछ होता है। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि यह दोस्ती शादी तक पहुंच जाएगी। बेटी ने हमारी इज्जत का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा। आज हमलोग किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं।’ छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी छोड़ भाग गई बेटी मां ने आगे कहा, ‘मेरे पति ने दिन-रात मेहनत कर सभी बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। अभी एक साल पहले ही बड़ी बेटी नयनश्री टीचर बनी थी। हम लोगों को लगा था कि अब हमारी जिंदगी सुधर जाएगी। बेटी नौकरी करेगी, अपने छोटे भाई-बहनों को पढ़ाएगी, आगे बढ़ाएगी, परिवार का सहारा बनेगी। लेकिन उसने एक बार भी नहीं सोचा कि उसके इस फैसले का परिवार पर क्या असर पड़ेगा।’ हमारे घर अपनी बेटी कौन देगा बबीता देवी ने कहा कि वो अपनी जिंदगी में जो करना चाहती थी, कर लिया। लेकिन हमारे बारे में नहीं सोचा। अब मेरी तीन और बेटियां हैं। इस घटना के बाद कौन हमारे घर रिश्ता लेकर आएगा? कौन अपनी बेटी हमारे घर देगा और कौन हमारी बेटियों को अपने घर की बहू बनाएगा? यही सोच-सोचकर रातभर नींद नहीं आती है। जिस बेटी से परिवार ने सबसे ज्यादा उम्मीदें लगाई थीं, उसी के फैसले ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। गांव के लोगों और रिश्तेदार लगातार फोन कर रहे हैं। लोग तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं, जिससे परिवार और भी ज्यादा मानसिक दबाव में है। बेटी के इस फैसले ने पूरे परिवार को मुश्किल में डाल दिया है। हमने अपनी बेटी के लिए हमेशा अच्छे भविष्य का सपना देखा था, लेकिन आज वही सपना हमारे लिए सबसे बड़ा दर्द बन गया है। मेरी बहन ऐसी नहीं थी, उसे बहला-फुसलाकर राखी ने शादी कर ली नयनश्री की छोटी बहन ने बताया कि इस शादी की हमलोगों को कोई जानकारी नहीं थी। मेरी बहन को बहला-फुसलाकर शादी के लिए तैयार किया गया। वो पढ़ाई में बहुत तेज थी। वो परिवार की जिम्मेदारियों को समझने वाली और बेहद साधारण स्वभाव की लड़की थी। वह नियमित रूप से स्कूल जाती थी और घर लौटकर परिवार के साथ समय बिताती थी। उसके व्यवहार, रहन-सहन या जीवनशैली में कभी ऐसा कुछ नजर नहीं आया, जिससे परिवार को इस तरह की किसी घटना की आशंका होती। बहन ने आरोप लगाया कि राखी (अब राहुल) के संपर्क में आने के बाद दीदी (नयनश्री) के व्यवहार में बदलाव आ गया था। करीब एक साल पहले दीदी को सरकारी नौकरी लगा। इसके बाद राखी ने अपना दिमाग चलाया और नयनश्री के नजदीक आने लगी। उसे सिर्फ पैसों से मतलब था। परिवार को बताया गया था कि एग्जाम और पढ़ाई के सिलसिले में दोनों साथ जा रही हैं, लेकिन बाद में जेंडर परिवर्तन और विवाह की बातें सामने आईं थी। बहन को धमकी देकर राखी ने की शादी बहन ने कहा कि परिवार को यह भी बताया गया था कि दिल्ली में एग्जाम होने वाला है। इसलिए हम और राखी दोनों साथ जा रहे हैं। करीब एक महीने बाद हमें जानकारी मिली कि राखी ने अपना जेंडर चेंज करवा लिया है। राखी ने मेरी बहन पर फोर्स डालकर उससे साइन करवाया था। इस ऑपरेशन में जो पैसे लगे थे वो राखी (राहुल) की मां ने दिया था। उसका शुरू से मन था कि उन्हें एक बेटा हो। इसी वजह से वो राखी का जेंडर चेंज करवाना चाहती थी। राखी और उसकी मां दोनों ने मिलकर मेरी बहन नयनश्री को फंसाया है। जेंडर चेंज करवाने के बाद राखी ने मेरी बहन पर मानसिक दवाब डालकर शादी कर ली। उसने धमकी दी थी कि अगर तुम मुझसे शादी नहीं करोगी तो मैं सबलोगों से हमारे रिलेशन के बारे में झूठ बता दूंगी। इसी डर से उसने शादी कर ली। वो अक्सर कहती थी कि जब मेरी नौकरी लग जाएगी तो मैं पूरे घरवालों का ध्यान रखूंगी। पूरे परिवार को सहयोग करूंगी। ऐसे में परिवार के लिए इस शादी को स्वीकार करना कठिन है। घर से भागी दीदी-राखी छोटी बहन ने आगे बताया, 31 मई की सुबह 11 बजे दीदी स्कूल जाने के लिए निकली थी। उसी दिन शाम 5 बजे हमें राखी के परिवारवालों से जानकारी मिली कि नयनश्री ने शादी कर ली है। हम लोग परेशान हो गए। माता-पिता तुरंत राखी के घर पहुंचे, लेकिन तब तक उसके परिवार वालों ने दीदी और राहुल को घर से भगा दिया था। दो दिनों से उनलोगों का फोन बंद आ रहा है। कहां है, किस हालात में हमें कोई जानकारी नहीं है। हमारे पिता लंबे समय से अस्वस्थ रहते हैं। इस घटना से परिवार को गहरा मानसिक दुख पहुंचा है। मेरे माता-पिता की तबीयत पर कोई खराब असर पड़ता है, तो इसकी जिम्मेदार राखी, उसकी मां और दीदी जिम्मेदार होंगी। अब जानिए कौन हैं नयनश्री और राहुल (राखी) राहुल (पूर्व में राखी कुमारी) और नयनश्री कुमारी दोनों फुफेरी बहन हैं। बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। नयनश्री की चाची और राहुल के पिता भाई बहन हैं। दोनों लड़कियों का एक-दूसरे के घर आना जाना होता था। नयनश्री के पिता पटना में सचिवालय में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी हैं। जबकि राहुल के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। दोनों सामान्य परिवारों से आते हैं। साल 2019 में नयनश्री और राहुल ने एक साथ मैट्रिक पास किया। इसके बाद 11वीं-12वीं में साथ कोचिंग ली। यहीं से दोनों के बीच प्यार शुरू हो गया। दोनों ने जिद्द कर के एक ही जगह से ग्रेजुएशन किया। जहां हॉस्टल के एक ही कमरे में साथ रहे। दोनों को अक्सर साथ देखा जाता था। पढ़ाई, कोचिंग, बाजार या किसी दूसरे काम से जाना हो, दोनों साथ रहती थीं। पटना में रहकर बढ़ी नजदीकियां 2023 में नयनश्री और राखी (अब राहुल) ने BPSC की तैयारी करने का फैसला किया। इसके लिए दोनों पटना जाकर पढ़ाई करना चाहते थे। दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध थे, इसलिए परिजन ने दोनों बहनों को साथ में पढ़ाई के लिए पटना भेज दिया। 2025 में नयनश्री ने BPSC परीक्षा पास की। इसके बाद उनका चयन TRE-3 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत हुआ। चयन के बाद उन्होंने नौकरी जॉइन कर ली। अभी वे लक्ष्मीपुर के प्राइमरी स्कूल मेदनीपुर में पोस्टेड हैं। 8 लाख रुपए लोन लेकर राखी का जेंडर चेंज कराया वार्ड सदस्य राजेश ने बताया, राखी कुमारी ने करीब 6 महीने पहले जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके लिए नयनश्री ने अपने नाम पर बैंक से लगभग 8 लाख रुपए का लोन लिया था। नयनश्री का मानना था कि वह सरकारी शिक्षिका हैं, इसलिए अगर वो खुद जेंडर ट्रांजिशन करातीं, तो नौकरी में कुछ दिक्कतें आ सकती थीं।” उन्होंने आगे कहा, “इसी वजह से नयनश्री ने राखी को जेंडर ट्रांजिशन कराने के लिए कहा। राखी ने अपने परिवार को बिना बताए दिल्ली के AIIMS में ऑपरेशन कराया। करीब एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद वह घर लौटी। तब जाकर राखी के परिवार वालों को पता चला कि वो लड़का है। शादी के बाद विरोध, घर से भागे दोनों राहुल की बड़ी बहन रेणु देवी ने बताया, रविवार की रात नयनश्री के माता-पिता हमारे घर पहुंचे। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। वे लोग इस शादी को नहीं मान रहे थे। इसी वजह से हंगामा करते हुए हमारे घर का गेट तोड़ने लगे। जैसे-तैसे हमने राखी और नयनश्री को पीछे के दरवाजे से भगा दिया। फिलहाल, दोनों कहां हैं, हमें इसके बारे में कुछ पता नहीं है। दोनों का फोन भी ऑफ आ रहा है। पुलिस बोली- दोनों बालिग, अपनी मर्जी के मालिक हंगामा होने पर गांव वालों ने डायल-112 को सूचना दी। टीम मौके पर भी पहुंची, लेकिन पुलिस का कहना है कि हमें ना कोई आवेदन मिला है। ना किसी को कोई आपत्ति है। दोनों बालिग हैं। किसी तरह की कोई शिकायत मिलती है तो हम एक्शन लेंगे। कानून दोनों स्वतंत्र हैं। अब जानिए क्या कहता है कानून भारत में दो लड़कियों के आपस में शादी करने को कानूनी मान्यता नहीं है। भारतीय कानून (जैसे हिंदू मैरिज एक्ट या स्पेशल मैरिज एक्ट) के तहत केवल एक पुरुष और एक महिला के बीच ही शादी हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया था। इसलिए दो लड़कियां कानूनी रूप से शादी नहीं कर सकतीं। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने ‘नवतेज सिंह जोहर’ मामले में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटा दिया था। यानी बालिग होने पर आपसी सहमति से साथ रहना अपराध नहीं है। समलैंगिक जोड़े बिना किसी बाधा या परिवार के हस्तक्षेप के सम्मानजनक तरीके से ‘लिव-इन’ में रह सकते हैं। अदालतों ने ऐसे जोड़ों को पुलिस सुरक्षा भी प्रदान की है।  

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