भागलपुर में बाढ़ के कारण नहीं होगी बिजली की परेशानी:पोल-तार डूबने से रोकने की तैयारी, कटौती से मिलेगी राहत

भागलपुर में बाढ़ के कारण नहीं होगी बिजली की परेशानी:पोल-तार डूबने से रोकने की तैयारी, कटौती से मिलेगी राहत

भागलपुर में आने वाले बाढ़ के मद्देनजर कहलगांव अनुमंडल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए बिजली विभाग ने विशेष तैयारी शुरू की है। एकचारी विद्युत आपूर्ति प्रशाखा क्षेत्र के लोगों को इस बार बाढ़ के दौरान बिजली बाधित होने की सालों पुरानी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। कहलगांव के कुलकुलिया से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन बहियार क्षेत्र से होकर दुआबै, सन्हौला, धनौरा, एकचारी, घोघा, खड़हरा, भोलसर, रसलपुर और कुआनाला सहित कई गांवों तक जाती है। पानी में डूब जाते है तार बाढ़ के दौरान बहियार में पानी भरने से बिजली के कई पोल झुक जाते हैं और तार पानी में डूब जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप अक्सर फॉल्ट होता है, जिससे कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए तीन सदस्यीय तकनीकी टीम ने क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया है। टीम ने विभिन्न गांवों और बहियार क्षेत्रों में पहुंचकर पोलों की ऊंचाई, तारों की स्थिति, डीपी (डिस्ट्रिब्यूशन प्वाइंट) और मिट्टी की गुणवत्ता का आकलन किया। इस सर्वेक्षण के आधार पर बाढ़ प्रभावित स्थानों पर आवश्यक तकनीकी सुधार किए जाएंगे। पानी भर जाने से पोल झुक जाते हैं विद्युत आपूर्ति प्रशाखा एकचारी के कनीय अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि बाढ़ के दौरान 11 हजार और 33 हजार वोल्ट की लाइनों में सबसे अधिक परेशानी आती है। पानी भर जाने से पोल झुक जाते हैं और तार पानी के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति बहाल करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि विभाग के निर्देश पर किए गए सर्वे के बाद जहां अधिक गहराई या कटाव वाले क्षेत्र हैं, वहां ऊंचे पोल लगाए जाएंगे। आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त डीपी स्थापित किए जाएंगे और कई जगहों पर अंडर-कवर तार लगाए जाने की योजना है। इससे बाढ़ के दौरान भी बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने में मदद मिलेगी। कनीय अभियंता ने कहा कि विभाग की योजना के अनुसार अगले एक से डेढ़ महीने के अंदर काम शुरू होने की संभावना है। यदि यह योजना समय पर पूरी हो जाती है तो बाढ़ के मौसम में हजारों उपभोक्ताओं को बिजली कटौती की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकेगी। बाढ़ में भी जलेगी रोशनी बिजली विभाग की इस पहल से एकचारी और आसपास के बाढ़ प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों को उम्मीद जगी है कि इस बार बाढ़ आने पर अंधेरे और लंबे बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। विभाग का लक्ष्य है कि आपदा के समय भी विद्युत आपूर्ति को अधिकतम सुरक्षित और सुचारु रखा जाए। भागलपुर में आने वाले बाढ़ के मद्देनजर कहलगांव अनुमंडल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए बिजली विभाग ने विशेष तैयारी शुरू की है। एकचारी विद्युत आपूर्ति प्रशाखा क्षेत्र के लोगों को इस बार बाढ़ के दौरान बिजली बाधित होने की सालों पुरानी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। कहलगांव के कुलकुलिया से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन बहियार क्षेत्र से होकर दुआबै, सन्हौला, धनौरा, एकचारी, घोघा, खड़हरा, भोलसर, रसलपुर और कुआनाला सहित कई गांवों तक जाती है। पानी में डूब जाते है तार बाढ़ के दौरान बहियार में पानी भरने से बिजली के कई पोल झुक जाते हैं और तार पानी में डूब जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप अक्सर फॉल्ट होता है, जिससे कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए तीन सदस्यीय तकनीकी टीम ने क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया है। टीम ने विभिन्न गांवों और बहियार क्षेत्रों में पहुंचकर पोलों की ऊंचाई, तारों की स्थिति, डीपी (डिस्ट्रिब्यूशन प्वाइंट) और मिट्टी की गुणवत्ता का आकलन किया। इस सर्वेक्षण के आधार पर बाढ़ प्रभावित स्थानों पर आवश्यक तकनीकी सुधार किए जाएंगे। पानी भर जाने से पोल झुक जाते हैं विद्युत आपूर्ति प्रशाखा एकचारी के कनीय अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि बाढ़ के दौरान 11 हजार और 33 हजार वोल्ट की लाइनों में सबसे अधिक परेशानी आती है। पानी भर जाने से पोल झुक जाते हैं और तार पानी के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति बहाल करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि विभाग के निर्देश पर किए गए सर्वे के बाद जहां अधिक गहराई या कटाव वाले क्षेत्र हैं, वहां ऊंचे पोल लगाए जाएंगे। आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त डीपी स्थापित किए जाएंगे और कई जगहों पर अंडर-कवर तार लगाए जाने की योजना है। इससे बाढ़ के दौरान भी बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने में मदद मिलेगी। कनीय अभियंता ने कहा कि विभाग की योजना के अनुसार अगले एक से डेढ़ महीने के अंदर काम शुरू होने की संभावना है। यदि यह योजना समय पर पूरी हो जाती है तो बाढ़ के मौसम में हजारों उपभोक्ताओं को बिजली कटौती की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकेगी। बाढ़ में भी जलेगी रोशनी बिजली विभाग की इस पहल से एकचारी और आसपास के बाढ़ प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों को उम्मीद जगी है कि इस बार बाढ़ आने पर अंधेरे और लंबे बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। विभाग का लक्ष्य है कि आपदा के समय भी विद्युत आपूर्ति को अधिकतम सुरक्षित और सुचारु रखा जाए।  

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