बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले तीन दशकों से भाजपा के कब्जे में रही है और अधिकतर समय यह सीट नितिन नवीन तथा उनके परिवार के पास रही है। उनके राज्यसभा सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हो गई है, जिस पर अब उपचुनाव होना है।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर के खुद चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी को करना है। उन्होंने कहा कि साफ शब्दों में कहा जा सकता है कि बांकीपुर का चुनाव जीतने के लिए जन सुराज पार्टी को जो भी करना पड़ेगा, वह किया जाएगा।
प्रशांत किशोर ने यह भी स्पष्ट किया कि जन सुराज पार्टी इस सीट पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों दल लंबे समय से यहां चुनाव लड़ते आ रहे हैं, लेकिन अब तक भाजपा को पराजित नहीं कर सके हैं, इसलिए इस बार जन सुराज इस सीट से चुनाव मैदान में उतरेगी। सूत्रों के अनुसार, प्रशांत किशोर कांग्रेस और आरजेडी के समर्थन का इंतजार कर रहे हैं।
बांकीपुर सीट पर PK का सस्पेंस
बांकीपुर सीट पिछले तीन दशकों में हुए नौ विधानसभा चुनावों में भाजपा के कब्जे में रही है। अधिकतर समय यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन और उनके परिवार के पास रही है। हालांकि, नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हो गई है और अब यहां उपचुनाव होना है।
इसको लेकर प्रशांत किशोर लगातार दावा कर रहे हैं कि जन सुराज पार्टी बांकीपुर में पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी, लेकिन उनके खुद चुनाव लड़ने को लेकर सवालों का वे बार-बार सीधा जवाब देने से बचते रहे हैं। इससे पहले करगहर और राघोपुर सीट से भी उनके चुनाव लड़ने की चर्चा रही थी, लेकिन प्रशांत किशोर ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।


