बसीबार सरपंच पर नाली, PDS भवन, चावल घोटाले का आरोप:उपसरपंच समेत ग्रामीणों ने SDM से की शिकायत, वित्तीय अधिकार रोकने की मांग

बसीबार सरपंच पर नाली, PDS भवन, चावल घोटाले का आरोप:उपसरपंच समेत ग्रामीणों ने SDM से की शिकायत, वित्तीय अधिकार रोकने की मांग

कोरबा के ग्राम पंचायत बसीबार में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। उपसरपंच देवेंद्र कुमार सहित 12 ग्रामीणों ने सरपंच कंचन बाई और उनके पति सूरभवन सिंह पर लाखों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए पाली SDM से शिकायत की है। ग्रामीणों ने जांच पूरी होने तक सरपंच-सचिव के वित्तीय अधिकार रोकने और राशि के आहरण पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में एक नाली निर्माण कार्य के लिए 1.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत और आहरित की जा चुकी थी तथा कार्य की नींव भी खोदी जा चुकी थी। इसके बावजूद वर्तमान सरपंच द्वारा उसी नाली निर्माण के लिए दोबारा 2 लाख रुपये स्वीकृत कराकर राशि निकाल ली गई। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही कार्य के लिए दो बार भुगतान कराना शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला है। PDS भवन निर्माण में भी अनियमितता का आरोप शिकायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) गोदाम सह भवन निर्माण कार्य में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है और लाल ईंटों के स्थान पर निम्नस्तरीय ईंटें लगाई जा रही हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राशन वितरण में कटौती का भी आरोप ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि सरपंच पति सूरभवन सिंह द्वारा प्रत्येक राशन कार्डधारी से एक-एक किलो चावल कम दिया जाता है। विरोध करने पर पंचायत सचिव पर दबाव बनाकर मनमाने प्रस्ताव पारित कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है। आवेदन में कहा गया है कि कई निर्माण कार्यों के प्रस्ताव पंचों की जानकारी और सहमति के बिना तैयार किए गए। 12 ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से दी शिकायत उपसरपंच देवेंद्र कुमार के साथ गीता बाई कंवर, अंजली आर्मो, भगवती कंवर, पार्वती यादव, नंदनी देवी, सूर्यभवन कंवर, संतोषी बाई गांडा, कविता कंवर, अहिल्या बाई, अजय कुमार और संजय कुमार ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन एसडीएम को सौंपा है। शिकायत की प्रति tजनपद पंचायत पाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक पंचायत के वित्तीय अधिकार तत्काल निलंबित किए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करेंगे।

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