ठाणे से नवी मुंबई एयरपोर्ट का सफर सिर्फ 30 मिनट में होगा पूरा, जानें क्या है 6300 करोड़ का मेगा कॉरिडोर

ठाणे से नवी मुंबई एयरपोर्ट का सफर सिर्फ 30 मिनट में होगा पूरा, जानें क्या है 6300 करोड़ का मेगा कॉरिडोर

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में शामिल ठाणे के लाखों निवासियों को जल्द ही नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) तक पहुंचने के लिए लंबी ट्रैफिक जाम की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। महाराष्ट्र सरकार ने 6,300 करोड़ रुपये की ठाणे-नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (NMIA) एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिससे वर्तमान में 90 मिनट तक लगने वाला सफर घटकर महज 30 मिनट का रह जाएगा।

सीडको (CIDCO) के वाइस चेरेमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर विजय सिंघल ने हाल ही में पुष्टि की कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को महाराष्ट्र कैबिनेट से हरी झंडी मिल चुकी है। अब यह प्रस्ताव समिति के पास भेजा गया है और अगले दो सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने की उम्मीद है।

क्या है ठाणे-NMIA एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना?

यह कॉरिडोर दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में दीघा स्थित पटनी मैदान के पास धन निरंकारी चौक से लेकर वाशी के पाम बीच रोड तक 17 किमी लंबा एलिवेटेड हाईवे बनाया जाएगा। यह मौजूदा ठाणे-बेलापुर रोड के समानांतर बनेगा।

दूसरे चरण में पाम बीच रोड से सीधे नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) तक 9 किमी लंबा डबल-डेकर एलिवेटेड रोड तैयार किया जाएगा। पूरा मार्ग एक्सेस-कंट्रोल्ड और सिग्नल-फ्री होगा, जिससे यात्रियों को कहीं भी ट्रैफिक सिग्नल या चौराहों पर रुकना नहीं पड़ेगा।

इन इलाकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा

इस परियोजना का सीधा लाभ ठाणे शहर के साथ-साथ दिघा, ऐरोली, रबाले, कलवा, वाशी और बेलापुर जैसे क्षेत्रों को मिलेगा। विशेष रूप से कलवा, ऐरोली और रबाले जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।

46 किमी के चक्कर से मिलेगी मुक्ति

वर्तमान में ठाणे के लोगों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अक्सर वाशी या बेलापुर के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। कई बार तो यह दूरी 46 किमी तक बढ़ जाती है। इसके अलावा ठाणे-बेलापुर रोड, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और पाम बीच रोड पर पीक आवर्स में भारी ट्रैफिक के कारण यात्रा समय काफी बढ़ जाता है। लेकिन अब नई परियोजना से यह सफर महज 30 मिनट में पूरा हो सकेगा।

PPP मॉडल पर होगा निर्माण

सीडको के अनुसार इस कॉरिडोर का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा और यह टोल आधारित परियोजना होगी। परियोजना के लिए आवश्यक दस्तावेज और कंसेशन एग्रीमेंट पहले से तैयार हैं। अंतिम मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और फिर जमीनी काम को गति मिलेगी।

बता दें कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) का दूसरा एयरपोर्ट है। इसके पूरी तरह से बनकर तैयार होने के बाद यह एयरपोर्ट हर साल लगभग 9 करोड़ यात्रियों को सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *