मानसून अलर्ट : अभी भी नहीं चेते तो फिर डूबेगी बूंदी, पुराने जख्म होंगे हरे

मानसून अलर्ट : अभी भी नहीं चेते तो फिर डूबेगी बूंदी, पुराने जख्म होंगे हरे

बूंदी. मानसून की दस्तक से पहले जहां शहरों में जल निकासी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद तेज होनी चाहिए, वहीं बूंदी में हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। मुख्य जल निकासी परियोजना जैतसागर नाला अब तक अधूरा पड़ा है, जबकि शहर के अधिकांश नाले कचरे और मलबे से अटे हुए हैं। ऐसे में बारिश शुरू होते ही निचली बस्तियों के फिर से जलमग्न होने की आशंका गहरा गई है। राजस्थान पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चरमरा चुका है।

मीरा गेट, नागदी बाजार, कंट्रोल रूम क्षेत्र, पुलिस लाइन, बहादुर सिंह सर्किल, गणेश बाग रोड, महावीर कॉलोनी सहित कई इलाके इस बार भी जलभराव की चपेट में आ सकते हैं। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब मानसून सिर पर है तो नालों की सफाई और जल निकासी की तैयारी अब तक क्यों शुरू नहीं हुई।

चार साल में भी पूरा नहीं हुआ जैतसागर नाला

शहर की जल निकासी की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना जैतसागर नाला निर्माण कार्य लगातार विलंब का शिकार रहा है। फरवरी 2023 में शुरू हुआ यह कार्य सितंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन अतिक्रमण हटाने के विरोध और प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक अधूरा है। नतीजतन मानसून से पहले भी शहर के सामने जलभराव का वही पुराना संकट खड़ा है।

नालों में कचरा, सफाई सिर्फ फाइलों में

शहर के अधिकांश नालों में पॉलीथिन, गंदगी और मलबे का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था कागजों तक सीमित है। कई स्थानों पर कचरा संग्रहण वाहन भी नालों के किनारे कचरा डालकर चले जाते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। हैरानी की बात यह है कि जून शुरू होने के बावजूद अभी तक व्यापक सफाई अभियान शुरू नहीं हुआ।

खुले सीवर चैंबर बढ़ा रहे खतरा

शहर के कई हिस्सों में खुले और उफनते सीवर चैंबर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। चौथमाता मंदिर क्षेत्र, मीरा गेट और गणेश बाग रोड सहित कई स्थानों पर सीवर लाइन के चैंबर खुले पड़े हैं। बरसात में इनके ओवरफ्लो होने से सडक़ें जलमग्न हो जाती हैं और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ जाता है।

हर साल घरों में घुसता है पानी

जवाहर कॉलोनी, शास्त्री नगर और महावीर कॉलोनी के रहवासियों का दर्द हर मानसून में दोहराया जाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान उनके घरों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है। इससे घरेलू सामान खराब होता है, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।

इनका कहना है
जैतसागर नाले का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा। मानसून से पूर्व इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। गदंगी से अटे नालों की सफाई का कार्य जल्द शुरू होगा। इसके टेंडर हो चुके है। पुलिस लाइन के आगे के नाले के निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है।
हरफूल सिंह यादव, जिला कलक्टर एवं प्रशासक, नगरपरिषद, बूंदी

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