पोलैंड से डिपोर्ट होकर भारत लौटे तमिलनाडु के तीरामरन बाल सिंघम को मेरठ कैंट क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सेना पुलिस, मेरठ पुलिस, यूपी एटीएस, एसटीएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने युवक से दो दिन तक पूछताछ की। जांच में सामने आया कि युवक नशे की हालत में गलती से तमिलनाडु की बजाय मेरठ जाने वाली ट्रेन में सवार हो गया था।
पुलिस के अनुसार युवक की पहचान तीरामरन बाला सिंघम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से तमिलनाडु का निवासी है और उसके पास पोलैंड का रेजिडेंशियल वीजा था। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद उसे पोलैंड से भारत भेज दिया गया था। जांच में पता चला कि दिल्ली पहुंचने के बाद युवक ने नशा किया था। इसके बाद वह हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से अपने घर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने पहुंचा, लेकिन नशे की हालत में तमिलनाडु की जगह मेरठ जाने वाली ट्रेन में बैठ गया।
कैंट क्षेत्र में घूमता मिला
मेरठ पहुंचने के बाद युवक कैंट क्षेत्र में घूमता हुआ सेना के नियंत्रण वाले इलाके तक पहुंच गया। संदिग्ध स्थिति में घूमते देख सेना पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। भाषा संबंधी दिक्कत और युवक की हालत को देखते हुए उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।
दो दिन तक चली जांच
मामले की सूचना मिलते ही यूपी एटीएस, एसटीएफ, एलआईयू और अन्य केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हो गईं। पहले दिन युवक के नशे में होने के कारण पूछताछ में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी। दूसरे दिन नशा उतरने के बाद उसने अपनी पूरी कहानी बताई, जिसके बाद एजेंसियों ने उसके दस्तावेज और यात्रा संबंधी जानकारी का सत्यापन किया। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक अंतरराष्ट्रीय कारोबार से जुड़ा है और विभिन्न देशों की यात्रा करता रहता है। उसका अधिकांश कारोबार पोलैंड में संचालित होता था, जिसके चलते उसने वहां का रेजिडेंशियल वीजा लिया था।
जांच अभी जारी
पुलिस ने आवश्यक सत्यापन के बाद युवक को छोड़ दिया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां उसके यात्रा रिकॉर्ड, कारोबारी गतिविधियों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।


