आखिरकार पौने 4 साल बाद पठानकोट-जोगिंदरनगर रेल सेवा शुरू हो गई। जिससे यात्रियों को भारी राहत मिली है। ट्रेन में पहले दिन यात्रा करने वाले यात्री काफी खुश दिखे। लोगों ने कहा कि पहले उन्हें जोगिंदरनगर जाने के लिए बस में ₹392 खर्च करने पड़ते थे। लेकिन, अब उनकी ₹40 प्रति व्यक्ति टिकट लगी है। बता दें, आज शुरू हुई नैरोगेज ट्रेन में 60 के करीब यात्रियों ने सफर किया।
पठानकोट से आज पहले दिन 7 कोचों वाली 2 ट्रेनें सुबह 5 बजे और फिर 7 बजे सिटी नैरोगेज रेलवे स्टेशन से बैजनाथ के लिए रवाना की गई। वहीं, हिमाचल की तरफ से ट्रेनों का संचालन सुबह साढ़े 8 बजे कांगड़ा रेलवे स्टेशन से शुरू होगा।
अनुराग ठाकुर करेंगे उद्धाटन
नैरोगेज रेल सेवा की ऐतिहासिक बहाली के लिए उत्तर रेलवे द्वारा कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर उद्घाटन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। ट्रेनों को दोबारा शुरू करने के अवसर पर सुबह 8:45 पर अनुराग ठाकुर (सांसद, लोकसभा), राजीव भारद्वाज (सांसद, लोकसभा) और पवन कुमार काजल (विधायक) ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
यात्रियों के चेहरों पर दिखा उत्साह और सुकून
उत्तर प्रदेश से आए राजेश ने कहा कि ये ट्रेन आज शुरू हुई ये बड़ी खुशी की बात है। पहले बैजनाथ जाने के लिए 340 रुपए खर्च करने पड़ते थे। आज सिर्फ 35 रुपए में बैजनाथ पहुंच जाएंगे। ये ट्रेन आम लोगों के लिए काफी किफायती और सुगम है।
दिल्ली से आए मनोज ने बताया कि वो परिवार सहित दिल्ली से आए हैं। 23 साल पहले 2003 में इस ट्रेन में सफर किया था। बस और ट्रेन के किराए में आज भी 10 गुणा का फर्क है। आज पता चला कि ट्रेन ज्वाला जी की ओर जा रही है तो इसी में सफर करने का निर्णय लिया। इस ट्रेन में सफर करने का एहसास अलग है।
राजपुरा से आई साक्षी ने कहा कि उसने टॉय ट्रेन के बारे में सुना था। आज सफर करने जा रही हूं। आज ज्वाला जी का सफर करेंगे। काफी उत्साहित हूं। किराया काफी कम है। बस में 10 गुणा अधिकर किराया खर्च कर जाना पड़ता था।
गाजियाबाद से आए शहबाज में कहा कि अक्सर काम के सिलसिले में हिमाचल जाना होता है। पहले 340 रुपए खर्च करने पड़ते थे, आज 25 रुपए किराया खर्च कर वहां पहुंच जाएंगे। ये ट्रेन शुरू कर रेलवे ने लोगों को काफी आर्थिक फायदा पहुंचाया है।
ट्रेन के लोको पायलट जसबीर सिंह ने कहा कि लगभग चार साल बाद ये ट्रेन एक बार फिर से हिमाचल की वादियों में जाएगी। वे खुद भी उत्साहित हैं, यात्री काफी खुश हैं। लोगों के पैसे भी बचेंगे और वो धौलाधार की पहाड़ियों के विहंगम नजारों का लुत्फ भी उठा पाएंगे।
70 करोड़ से तैयार हुआ नया पुल
रेल मंत्रालय ने इस रेल मार्ग की महत्ता को देखते हुए क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से नया आधुनिक रेलवे पुल तैयार कराया है। पुल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक का निरीक्षण, सुरक्षा परीक्षण और ट्रायल रन सफलतापूर्वक संपन्न किए। सभी तकनीकी मानकों पर खरा उतरने के बाद रेल सेवा बहाल करने का निर्णय लिया गया।
4 साल से सूना था पठानकोट-जोगिंदरनगर रेलखंड
बता दें, अगस्त 2023 में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान पंजाब और हिमाचल की सीमा पर स्थित ‘चक्की रेलवे पुल’ का एक बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया था। पुल टूटने के कारण इस पूरे इलाके का संपर्क कट गया था और ट्रेन सेवा पूरी तरह ठप हो गई थी। इस संकट को देखते हुए रेल मंत्रालय ने युद्ध स्तर पर काम किया और 70 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक नया और बेहद आधुनिक रेलवे पुल तैयार किया है। रेलवे के आला अधिकारियों द्वारा ट्रैक का कड़ा निरीक्षण और सफल ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब आज से इस ट्रैक पर फिर से ट्रेन की छुक-छुक गूंजने लगी है।
पठानकोट से यह दो ट्रेनें चलेंगी:
पठानकोट से पहली ट्रेन (62465): सुबह 5:00 बजे चलेगी।
पठानकोट से दूसरी ट्रेन (52467): सुबह 7:00 बजे चलेगी।
बैजनाथ से पठानकोट के लिए:
बैजनाथ से पहली ट्रेन: दोपहर 2:15 बजे चलेगी।
बैजनाथ से दूसरी ट्रेन: दोपहर 3:45 बजे चलेगी।
नूरपुर से बैजनाथ के बीच:
नूरपुर से बैजनाथ के लिए: दोपहर 2:10 बजे रवाना होगी।
बैजनाथ से नूरपुर के लिए: दोपहर 12:10 बजे चलेगी।
ज्वालामुखी रोड से बैजनाथ के बीच:
ज्वालामुखी रोड से बैजनाथ के लिए: सुबह 9:30 बजे रवाना होगी।
बैजनाथ से ज्वालामुखी रोड के लिए: दोपहर 2:30 बजे रवाना होगी।
बैजनाथ से जोगिंदरनगर के बीच:
बैजनाथ से जोगिंदरनगर के लिए: सुबह 9:30 बजे रवाना होगी।
जोगिंदरनगर से बैजनाथ के लिए: दोपहर 12:50 बजे रवाना होगी
किराया तुलना: बस बनाम ट्रेन
ट्रेन का किराया बसों की तुलना में बेहद किफायती है, जिससे आम जनता की जेब पर बोझ कम होगा।


