चित्रकूट पुलिस ने मंदाकिनी पुल के पास हुए हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने विशम्भर उर्फ रवि गुण्डा, अनिल उर्फ रिंकू निषाद और कमलेश उर्फ गुरु निषाद को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी कपसेठी गांव के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार घटना 31 मई की दोपहर करीब 3:30 बजे की है। पीआरवी को सूचना मिली थी कि ग्राम कपसेठी निवासी विट्टी निषाद (40) के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आपसी विवाद के दौरान आरोपियों ने विट्टी निषाद पर चाकू और डंडों से हमला कर दिया था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना के बाद परिजन और पुलिस घायल विट्टी निषाद को जिला अस्पताल सोनेपुर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र विजय निषाद की तहरीर पर कोतवाली कर्वी में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी ने खुद किया घटनास्थल का निरीक्षण मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कान्त राय और क्षेत्राधिकारी नगर यामीन अहमद के पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला के नेतृत्व में गठित टीम ने लगातार दबिश और सुरागरसी कर आरोपियों की तलाश शुरू की। रेलवे क्रॉसिंग के पास हुई गिरफ्तारी सोमवार को पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को रेलवे क्रॉसिंग चन्द्रगहना के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दो आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से दो का आपराधिक इतिहास भी है। कमलेश उर्फ गुरु निषाद के खिलाफ चोरी और गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज हैं। वहीं अनिल उर्फ रिंकू निषाद पर एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक यदुवीर सिंह, उपनिरीक्षक शनि चतुर्वेदी, आरक्षी रविन्द्र कुमार, जयप्रकाश, विपिन और रिजर्व आरक्षी दिलशाद शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।


