मुख्यमंत्री सम्राट आज मुजफ्फरपुर में सहयोग शिविर में शामिल होंगे:जनता की शिकायतों का तत्काल होगा निपटारा, मुजफ्फरपुर में रिकॉर्ड 8,008 आवेदन मिले थे

मुख्यमंत्री सम्राट आज मुजफ्फरपुर में सहयोग शिविर में शामिल होंगे:जनता की शिकायतों का तत्काल होगा निपटारा, मुजफ्फरपुर में रिकॉर्ड 8,008 आवेदन मिले थे

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज मुजफ्फरपुर के राजेपुर में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सुबह करीब 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार के कई सीनियर मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। 19 मई से शुरू हुए ‘सहयोग शिविर’ पहले ही दिन मुजफ्फरपुर में एक दिन में रिकॉर्ड 8,008 आवेदन प्राप्त हुए थे। मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। सोमवार दोपहर बाद तिरहुत रेंज के कमिश्नर गिरीवर दयाल सिंह ने सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद कमिश्नर गिरीवर दयाल सिंह ने बताया कि प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। उन्होंने जानकारी दी कि शिविर के आयोजन से पहले ही जिला प्रशासन की ओर से दर्जनों मामलों का निपटारा किया जा चुका है। कमिश्नर ने ये भी बताया कि मुख्यमंत्री शिविर में उपस्थित रहेंगे और जनता की शिकायतों को सीधे सुनकर गंभीर मामलों का तुरंत निपटारा किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात मुख्यमंत्री की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के संबंध में मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सीएम के आगमन के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में पुलिस मुख्यालय तथा जिला स्तर से भारी पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा कारणों और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए क्षेत्र के कई मार्गों में यातायात बदलाव (रूट डायवर्जन) भी किया गया है। इसका उद्देश्य आम जनता और अतिथियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। 2 हफ्ते पहले शुरू किया गया था सहयोग शिविर 2 हफ्ते पहले जनता की सुविधा के लिए बिहार सरकार की ओर से सहयोग शिविर की शुरुआत की गई थी। मुख्यमंत्री के साथ हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में सहयोग शिविर लगाएंगे। इसके लिए मंत्रियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 13 दिन पहले सहयोग शिविर में सारण पहुंचे थे। सहयोग शिविर में CM सम्राट चौधरी ने कहा, आपके बहुमत से हमारी सरकारी बनी है। जनता की समस्याओं को हल किया जाएगा। 30 दिन के अंदर जनता की समस्या खत्म नहीं होगी तो अफसर को सस्पेंड किया जाएगा। मैंने चुनाव के पहले कहा था, इस सीट को मैं गोद लूंगा। शिविर में एक ही जगह मिलेंगे सभी अधिकारी ‘सहयोग शिविर’ की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहेंगे। आम तौर पर लोगों को अपनी समस्या के लिए कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन अब.. 30 दिनों के अंदर समाधान का लक्ष्य प्रशासन ने यह तय किया है कि शिविर में मिली शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर समाधान किया जाएगा। सिर्फ आवेदन लेना ही नहीं, बल्कि उसका फॉलो-अप और अंतिम निपटारा भी सुनिश्चित किया जाएगा। यानी अब यह व्यवस्था सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली पहल के रूप में लागू की जा रही है। किन-किन समस्याओं का होगा समाधान इन शिविरों में लगभग हर तरह की जनसमस्याओं को शामिल किया गया है, जैसे— मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज मुजफ्फरपुर के राजेपुर में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सुबह करीब 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार के कई सीनियर मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। 19 मई से शुरू हुए ‘सहयोग शिविर’ पहले ही दिन मुजफ्फरपुर में एक दिन में रिकॉर्ड 8,008 आवेदन प्राप्त हुए थे। मुजफ्फरपुर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। सोमवार दोपहर बाद तिरहुत रेंज के कमिश्नर गिरीवर दयाल सिंह ने सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद कमिश्नर गिरीवर दयाल सिंह ने बताया कि प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। उन्होंने जानकारी दी कि शिविर के आयोजन से पहले ही जिला प्रशासन की ओर से दर्जनों मामलों का निपटारा किया जा चुका है। कमिश्नर ने ये भी बताया कि मुख्यमंत्री शिविर में उपस्थित रहेंगे और जनता की शिकायतों को सीधे सुनकर गंभीर मामलों का तुरंत निपटारा किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात मुख्यमंत्री की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के संबंध में मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सीएम के आगमन के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में पुलिस मुख्यालय तथा जिला स्तर से भारी पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा कारणों और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए क्षेत्र के कई मार्गों में यातायात बदलाव (रूट डायवर्जन) भी किया गया है। इसका उद्देश्य आम जनता और अतिथियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। 2 हफ्ते पहले शुरू किया गया था सहयोग शिविर 2 हफ्ते पहले जनता की सुविधा के लिए बिहार सरकार की ओर से सहयोग शिविर की शुरुआत की गई थी। मुख्यमंत्री के साथ हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में सहयोग शिविर लगाएंगे। इसके लिए मंत्रियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 13 दिन पहले सहयोग शिविर में सारण पहुंचे थे। सहयोग शिविर में CM सम्राट चौधरी ने कहा, आपके बहुमत से हमारी सरकारी बनी है। जनता की समस्याओं को हल किया जाएगा। 30 दिन के अंदर जनता की समस्या खत्म नहीं होगी तो अफसर को सस्पेंड किया जाएगा। मैंने चुनाव के पहले कहा था, इस सीट को मैं गोद लूंगा। शिविर में एक ही जगह मिलेंगे सभी अधिकारी ‘सहयोग शिविर’ की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहेंगे। आम तौर पर लोगों को अपनी समस्या के लिए कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन अब.. 30 दिनों के अंदर समाधान का लक्ष्य प्रशासन ने यह तय किया है कि शिविर में मिली शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर समाधान किया जाएगा। सिर्फ आवेदन लेना ही नहीं, बल्कि उसका फॉलो-अप और अंतिम निपटारा भी सुनिश्चित किया जाएगा। यानी अब यह व्यवस्था सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली पहल के रूप में लागू की जा रही है। किन-किन समस्याओं का होगा समाधान इन शिविरों में लगभग हर तरह की जनसमस्याओं को शामिल किया गया है, जैसे—  

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