उमरिया कलेक्टर राखी सहाय ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में टीएल बैठक ली। इस दौरान उन्होंने सरकारी विभागों के लंबित प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जनहित के मामलों में ढीला रवैया अपनाने वाले अधिकारियों फटकारा। कृषि विभाग की खराब परफॉर्मेंस पर जताई नाराजगी समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। विभाग में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण का स्तर बेहद खराब पाए जाने और किसानों को कल्याणकारी योजनाओं का समय पर लाभ न मिलने पर चिंता जताई। कलेक्टर ने उपसंचालक कृषि (DDA) को अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार लाने और किसानों से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के सख्त निर्देश दिए। पेयजल, भू-अर्जन और अनुकंपा नियुक्ति में तेजी लाएं बैठक में सीएम निवास, शहडोल संभाग आयुक्त कार्यालय, जनसुनवाई और मानवाधिकार आयोग से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राजस्व विभाग को भू-अर्जन संबंधी फाइलों का शीघ्र निपटारा करने को कहा। वहीं, भीषण गर्मी को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) और जल निगम के अधिकारियों को पेयजल संकट व आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने संबल योजना और अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द लाभान्वित करने के लिए कहा। भवन निर्माण पोर्टल और श्रमिक पंजीकरण पर जोर कलेक्टर ने सभी निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों को भवन निर्माण पोर्टल पर चल रहे कार्यों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के निर्देश दिए। साथ ही, श्रम विभाग को श्रम योगी मानधन योजना के तहत अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। जनपद पंचायत CEO को अनुग्रह सहायता राशि के अटके हुए मामलों को जल्द से जल्द क्लीयर करने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायत के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जिले के विद्युत विहीन गांवों का डाटा तैयार कर तत्काल बिजली कंपनी को उपलब्ध कराएं। बैठक के दौरान DFO विवेक सिंह ने जिले में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और उनकी मौजूदगी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मैदानी स्तर पर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल दिया। हाथियों के मूवमेंट के दौरान मानव-द्वंद्व को रोकने के लिए निर्देश दिए गए कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण पटाखे न फोड़ें और न ही उनके आसपास भीड़ एकत्रित होने दी जाए। इस दौरान उन्होंने संकट प्रबंधन में विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल और बेहतर समन्वय की सराहना भी की।


