हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय व सचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद उच्च न्यायालय को पत्र प्रेषित कर अधिवक्ताओं के लिए निर्मित नवीन चैंबरों के आवंटन हेतु निर्धारित सुरक्षा निधि (सिक्योरिटी) एवं मासिक किराए की राशि पर पुनर्विचार किए जाने का अनुरोध किया है। बार एसोसिएशन द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में प्रस्तावित 2500 प्रतिमाह किराया, मुख्य किरायेदार के लिए 1 लाख तथा सह-किरायेदार के लिए 50 हजार की सुरक्षा राशि अधिवक्ताओं के लिए अपेक्षाकृत अधिक प्रतीत होती है।
एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि जब तक विद्युत, रखरखाव एवं अन्य व्ययों हेतु शासन स्तर से बजटीय व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक सभी आवंटियों से समान रूप से 1000 प्रतिमाह किराया लिया जाए, जिससे भवन के आवश्यक व्ययों का वहन सुचारु रूप से किया जा सके। सीजेआई को पत्र में क्या की गुजारिश पत्र में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि यदि वास्तविक व्यय संग्रहित राशि से अधिक होता है तो अतिरिक्त भार बार एसोसिएशन एवं उच्च न्यायालय प्रशासन द्वारा समान रूप से वहन किया जाए अथवा शेष राशि की व्यवस्था “अधिवक्ता निधि” के माध्यम से की जाए। साथ ही, अधिवक्ताओं के हितों को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा निधि की राशि को आधा किए जाने का भी अनुरोध किया गया है। 5 जून तक जमा करें दस्तावेज
इसके अतिरिक्त हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा जारी एक नोटिस के माध्यम से चैंबर आवंटन सूची में सम्मिलन अथवा बहिष्करण संबंधी आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक सदस्य अपने नामांकन, बार सदस्यता की अवधि, विभिन्न वर्षों में दाखिल वादों का विवरण तथा आवश्यक अभिलेखों सहित अपनी आपत्तियां 5 जून 2026 तक रजिस्ट्रार (इन्फ्रास्ट्रक्चर), तृतीय तल, ओल्ड मेडिएशन सेंटर भवन, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।


