गयाजी के विकास के लिए आयुक्त, विधायक की मैराथन बैठक:फ्लाई ओवर समेत शहर की बेहतरी के लिए कई प्रस्ताव, विकास कार्यों की समीक्षा भी हुई

गयाजी के विकास के लिए आयुक्त, विधायक की मैराथन बैठक:फ्लाई ओवर समेत शहर की बेहतरी के लिए कई प्रस्ताव, विकास कार्यों की समीक्षा भी हुई

बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार एक बार फिर एक्शन मोड में दिखे। सोमवार को उन्होंने मगध प्रमंडल के आयुक्त के साथ मैराथन बैठक की। गयाजी के विकास, फल्गु नदी के सुंदरीकरण, बेसहारा पशुओं और शहर को हरा-भरा बनाने के लिए शानदार प्रस्ताव रखे गए। बैठक में बोधगया से चाकंद तक पटना की तर्ज पर शानदार फ्लाईओवर की बात कही गई है। शहर में सीसीटीवी कैमरे और ट्रैफिक लाइट लगाने के लिए ₹55 करोड़ की भारी-भरकम योजना स्वीकृत हुई थी। काम शुरू भी हुआ, लेकिन नगर निगम के माननीयों ने अपनी कथित आपत्ति जता कर काम ही रुकवा दिया। विधानसभा अध्यक्ष को बैठक में कहना पड़ा कि कोर्ट के आदेश के बाद अब इस काम को दोबारा शुरू कराया जाएगा। ​प्रस्तावों का लॉलीपॉप और जमीनी हकीकत ​बैठक में किसानों की सिंचाई, मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार (जिस पर ₹6 करोड़ फूंकने के बाद भी बॉडी नहीं जल पा रही) और गांधी मैदान को खाली कराने जैसे कई लुभावने मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को हर महीने समीक्षा और अनुपालन रिपोर्ट देने का सख्त निर्देश दिया है। ​जाम से मुक्ति और फ्लाईओवर परियोजनाओं की समीक्षा ​बैठक में शहर की सबसे गंभीर समस्या ‘जाम’ पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए वर्तमान में तीन आरओबी और फ्लाई ओवर पर काम चल रहा है, जिसमें मां वागेश्वरी मंदिर के समीप आरओबी और मानपुर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शामिल है। इसके अतिरिक्त, एनएच-82 (NH-82) बाईपास के आगे एक अन्य फ्लाईओवर निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में है। ​यातायात को सुगम बनाने के लिए बोधगया से नदी के किनारे होते हुए चाकंद (पटना मार्ग) तक एक नए फ्लाईओवर का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। यह रूट अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट, चंदौती प्रखंड और गया कॉलेज होते हुए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को जोड़ेगा, जिससे अस्पताल, स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा डेल्हा से धनिया बगीचा होते हुए टिकारी रोड और रेलवे गुमटी नंबर 1 पर आरओबी निर्माण का भी प्रस्ताव दिया गया है। बरसों से लंबित बस स्टैंड को भी सही स्थान पर स्थानांतरित करने पर चर्चा हुई। ​अतिक्रमण मुक्ति, पर्यावरण और जन-सुविधाएं ​अतिक्रमण और पर्यावरण: फल्गु नदी के किनारों को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त कराने तथा शहर के पहाड़ों, नदियों, कॉलेजों और अस्पतालों के आसपास बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने का निर्देश दिया गया। चालू वित्तीय वर्ष में 24 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। ​गांधी मैदान: पटना की तर्ज पर गया के गांधी मैदान को भी टेलीफोन एक्सचेंज और भवन निर्माण विभाग के कार्यालयों से मुक्त कराकर बेहतर स्वरूप देने की बात कही गई। ​स्वास्थ्य अवसंरचना: छोटकी नवादा स्थित कुष्ठ अस्पताल की 10 एकड़ जमीन पर नया अस्पताल बनाने और वहां रह रहे मरीजों के लिए अन्यत्र बेहतर व्यवस्था करने का प्रस्ताव है। साथ ही में संक्रामक रोग अस्पताल (IDH) के 1080 बेड के नए भवन निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। ​कृषि: जिले के किसानों को मिल रही सिंचाई सुविधाओं का विस्तृत ब्यौरा लिया गया और इसमें सुधार के निर्देश दिए गए। ​मुक्तिधाम और बाजार समिति 6 करोड़ की लागत के बावजूद मुक्तिधाम में शवदाह गृह के सुचारू रूप से न चलने पर जवाबदेही तय करने की बात हुई। इसके अलावा, कृषि बाजार समिति में निर्मित दुकानों में शहर के थोक बाजार (होलसेल मार्केट) को शिफ्ट करने और वेंडिंग जोन व पार्किंग की व्यवस्था करने पर चर्चा हुई। ​धार्मिक कॉरिडोर व खेल बैठक में बोधगया और गयाजी के महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा घोषित ₹2000 करोड़ के कॉरिडोर प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई। वहीं, पंचायतों में खेल के मैदान और क्लबों की स्थापना तथा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को जल्द शुरू करने की बात कही गई। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार एक बार फिर एक्शन मोड में दिखे। सोमवार को उन्होंने मगध प्रमंडल के आयुक्त के साथ मैराथन बैठक की। गयाजी के विकास, फल्गु नदी के सुंदरीकरण, बेसहारा पशुओं और शहर को हरा-भरा बनाने के लिए शानदार प्रस्ताव रखे गए। बैठक में बोधगया से चाकंद तक पटना की तर्ज पर शानदार फ्लाईओवर की बात कही गई है। शहर में सीसीटीवी कैमरे और ट्रैफिक लाइट लगाने के लिए ₹55 करोड़ की भारी-भरकम योजना स्वीकृत हुई थी। काम शुरू भी हुआ, लेकिन नगर निगम के माननीयों ने अपनी कथित आपत्ति जता कर काम ही रुकवा दिया। विधानसभा अध्यक्ष को बैठक में कहना पड़ा कि कोर्ट के आदेश के बाद अब इस काम को दोबारा शुरू कराया जाएगा। ​प्रस्तावों का लॉलीपॉप और जमीनी हकीकत ​बैठक में किसानों की सिंचाई, मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार (जिस पर ₹6 करोड़ फूंकने के बाद भी बॉडी नहीं जल पा रही) और गांधी मैदान को खाली कराने जैसे कई लुभावने मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को हर महीने समीक्षा और अनुपालन रिपोर्ट देने का सख्त निर्देश दिया है। ​जाम से मुक्ति और फ्लाईओवर परियोजनाओं की समीक्षा ​बैठक में शहर की सबसे गंभीर समस्या ‘जाम’ पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए वर्तमान में तीन आरओबी और फ्लाई ओवर पर काम चल रहा है, जिसमें मां वागेश्वरी मंदिर के समीप आरओबी और मानपुर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शामिल है। इसके अतिरिक्त, एनएच-82 (NH-82) बाईपास के आगे एक अन्य फ्लाईओवर निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में है। ​यातायात को सुगम बनाने के लिए बोधगया से नदी के किनारे होते हुए चाकंद (पटना मार्ग) तक एक नए फ्लाईओवर का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। यह रूट अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट, चंदौती प्रखंड और गया कॉलेज होते हुए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को जोड़ेगा, जिससे अस्पताल, स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा डेल्हा से धनिया बगीचा होते हुए टिकारी रोड और रेलवे गुमटी नंबर 1 पर आरओबी निर्माण का भी प्रस्ताव दिया गया है। बरसों से लंबित बस स्टैंड को भी सही स्थान पर स्थानांतरित करने पर चर्चा हुई। ​अतिक्रमण मुक्ति, पर्यावरण और जन-सुविधाएं ​अतिक्रमण और पर्यावरण: फल्गु नदी के किनारों को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त कराने तथा शहर के पहाड़ों, नदियों, कॉलेजों और अस्पतालों के आसपास बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने का निर्देश दिया गया। चालू वित्तीय वर्ष में 24 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। ​गांधी मैदान: पटना की तर्ज पर गया के गांधी मैदान को भी टेलीफोन एक्सचेंज और भवन निर्माण विभाग के कार्यालयों से मुक्त कराकर बेहतर स्वरूप देने की बात कही गई। ​स्वास्थ्य अवसंरचना: छोटकी नवादा स्थित कुष्ठ अस्पताल की 10 एकड़ जमीन पर नया अस्पताल बनाने और वहां रह रहे मरीजों के लिए अन्यत्र बेहतर व्यवस्था करने का प्रस्ताव है। साथ ही में संक्रामक रोग अस्पताल (IDH) के 1080 बेड के नए भवन निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। ​कृषि: जिले के किसानों को मिल रही सिंचाई सुविधाओं का विस्तृत ब्यौरा लिया गया और इसमें सुधार के निर्देश दिए गए। ​मुक्तिधाम और बाजार समिति 6 करोड़ की लागत के बावजूद मुक्तिधाम में शवदाह गृह के सुचारू रूप से न चलने पर जवाबदेही तय करने की बात हुई। इसके अलावा, कृषि बाजार समिति में निर्मित दुकानों में शहर के थोक बाजार (होलसेल मार्केट) को शिफ्ट करने और वेंडिंग जोन व पार्किंग की व्यवस्था करने पर चर्चा हुई। ​धार्मिक कॉरिडोर व खेल बैठक में बोधगया और गयाजी के महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा घोषित ₹2000 करोड़ के कॉरिडोर प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई। वहीं, पंचायतों में खेल के मैदान और क्लबों की स्थापना तथा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को जल्द शुरू करने की बात कही गई।  

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