शहर के जेएमडीपीएल महिला कॉलेज में सोमवार को छात्राओं ने इंटरनशिप और स्नातक पंचम सेमेस्टर से जुड़ी समस्याओं को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन लगभग एक घंटे तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्राएं कॉलेज परिसर से बाहर निकलकर सड़क पर आ गईं और कुछ समय के लिए सड़क जाम कर विरोध जताया। कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जताई नाराजगी प्रदर्शनकारी छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि इंटरनशिप और परीक्षा से संबंधित मामलों में उन्हें सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है, जिससे छात्राओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अवैध वसूली का लगाया आरोप छात्राओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा के नाम पर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सत्येंद्र प्रसाद सिंह द्वारा अवैध रूप से राशि वसूली की जा रही है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी। प्रधानाचार्य से भी हुई वार्ता पुलिस ने कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सत्येंद्र प्रसाद सिंह से भी बातचीत की। इसके बाद छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच संवाद स्थापित कराया गया, जिससे स्थिति को शांत करने में मदद मिली। समझाने के बाद समाप्त हुआ धरना पुलिस और कॉलेज प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद छात्राओं ने अपना धरना और सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। आरोपों पर बनी हुई है चर्चा छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर कॉलेज और शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। छात्राएं अपनी मांगों पर उचित कार्रवाई और स्पष्ट जवाब की अपेक्षा कर रही हैं। जांच के बाद होगी कार्रवाई : थानाध्यक्ष मधुबनी नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाचार्य ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने छात्राओं के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कुछ साइबर कैफे संचालकों द्वारा छात्राओं को भ्रमित किया जा रहा है, जिसके कारण गलतफहमियां पैदा हुई हैं। शहर के जेएमडीपीएल महिला कॉलेज में सोमवार को छात्राओं ने इंटरनशिप और स्नातक पंचम सेमेस्टर से जुड़ी समस्याओं को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन लगभग एक घंटे तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्राएं कॉलेज परिसर से बाहर निकलकर सड़क पर आ गईं और कुछ समय के लिए सड़क जाम कर विरोध जताया। कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जताई नाराजगी प्रदर्शनकारी छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि इंटरनशिप और परीक्षा से संबंधित मामलों में उन्हें सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है, जिससे छात्राओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अवैध वसूली का लगाया आरोप छात्राओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा के नाम पर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सत्येंद्र प्रसाद सिंह द्वारा अवैध रूप से राशि वसूली की जा रही है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी। प्रधानाचार्य से भी हुई वार्ता पुलिस ने कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सत्येंद्र प्रसाद सिंह से भी बातचीत की। इसके बाद छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच संवाद स्थापित कराया गया, जिससे स्थिति को शांत करने में मदद मिली। समझाने के बाद समाप्त हुआ धरना पुलिस और कॉलेज प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद छात्राओं ने अपना धरना और सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। आरोपों पर बनी हुई है चर्चा छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर कॉलेज और शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। छात्राएं अपनी मांगों पर उचित कार्रवाई और स्पष्ट जवाब की अपेक्षा कर रही हैं। जांच के बाद होगी कार्रवाई : थानाध्यक्ष मधुबनी नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाचार्य ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने छात्राओं के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कुछ साइबर कैफे संचालकों द्वारा छात्राओं को भ्रमित किया जा रहा है, जिसके कारण गलतफहमियां पैदा हुई हैं।


