मुंबई की ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए बनाए जा रहे महत्वाकांक्षी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) परियोजना के तहत 384 मकानों और दुकानों को ढहाने का काम शुरू किया गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने रविवार से मुलुंड के अमर नगर और खिंडीपाड़ा इलाके में बड़े पैमाने पर ढांचों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस अभियान के तहत पहले ही दिन करीब 150 मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान तोड़ दिए गए, जबकि आने वाले दिनों में 234 अन्य संरचनाओं को भी ध्वस्त किया जाएगा।
करीब 6,500 करोड़ रुपये की लागत वाला जीएमएलआर प्रोजेक्ट मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद गोरेगांव से मुलुंड तक का सफर मिनटों में पूरा किया जा सकेगा, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव भी घटेगा।
संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे बनेंगी ट्विन टनल
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 6.65 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल है, जिसे अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) की मदद से बनाया जाएगा। यह सुरंग गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी से शुरू होकर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) के नीचे से गुजरते हुए मुलुंड के अमर नगर क्षेत्र में निकलेगी।
इसी टनल के निकास बिंदु पर बड़ी संख्या में झुग्गियां और अन्य संरचनाएं मौजूद हैं, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है।
384 संरचनाएं चिन्हित, 351 हैं आवासीय
बीएमसी के अनुसार, परियोजना के मार्ग में आने वाली 384 संरचनाओं की पहचान की गई है। इनमें 351 आवासीय इकाइयां शामिल हैं, जिनमें से 275 को पात्र घोषित किया गया है। इसके अलावा कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी परियोजना की जद में आ रहे हैं। जिन्हें हटाया जा रहा है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए इन संरचनाओं को हटाना आवश्यक है।
भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच तोड़क कार्रवाई
रविवार को शुरू हुए इस अभियान के लिए व्यापक तैयारी की गई थी। कार्रवाई में 10 इंजीनियर, 100 से अधिक नगर निगम कर्मचारी, दो पोकलेन मशीनें, चार जेसीबी और 10 डंपर तैनात किए गए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मुलुंड पुलिस स्टेशन के 50 पुलिसकर्मियों को भी मौके पर तैनात किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, अगले एक सप्ताह के भीतर शेष 234 अनधिकृत संरचनाओं को भी हटाने का लक्ष्य रखा गया है।
डेढ़ घंटे का सफर 25 मिनट में
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड को मुंबई के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। वर्तमान में पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को जेवीएलआर (JVLR) का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है और भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। लेकिन जीएमएलआर के शुरू होने के बाद सीधी कनेक्टिविटी होगी, इससे यात्रा का समय मौजूदा 85-90 मिनट से घटकर मात्र 20-25 मिनट रह जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, छह लेन वाले गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) की कुल लंबाई लगभग 13.25 किमी होगी और यह 45.7 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें 6.65 किमी लंबा ट्विन सुरंग वाले हिस्से को टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के माध्यम से खोदा जाएगा।
टनल के भीतर होंगी 1,800 मिमी की पानी की लाइनें
हर सुरंग में 1,800 मिमी डायमीटर की दो वाटर लाइनें होंगी। यह भांडुप कॉम्प्लेक्स से पश्चिमी उपनगरों तक पीने के पानी को ले जाएंगी। इसके इलावा इसमें मैकेनिकल वेंटिलेशन, एडवांस फायर-फाइटिंग एंड फायर-रेजिस्टेंस, सीसीटीवी, कंट्रोल रूम और फिल्म सिटी क्षेत्र के पास जंगली जानवरों के सुरक्षित मार्ग के लिए स्पेशल ग्रीन कॉरिडोर होंगे। जीएमएलआर मेगा-प्रोजेक्ट को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।


