मुंगेर में राष्ट्रीय राजमार्ग 333बी पर भीषण जाम लग गया है। लगभग 5 किलोमीटर तक बड़े वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम का मुख्य कारण मुंगेर-बरियारपुर मुख्य पथ पर तेलिया तालाब जीरोमाइल के पास फ्लाईओवर का निर्माण कार्य है, जिसके चलते सड़क को वन-वे कर दिया गया है। इस फ्लाईओवर निर्माण के कारण नौवागढ़ी से बांक मोड़ के बीच पहले से ही रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती थी। अब तेलिया तालाब जीरोमाइल के समीप एक बड़े पुलिया का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसके तहत सड़क के नीचे पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस पुलिया का निर्माण NHAI विभाग द्वारा किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के दौरान निचले इलाकों में जमा पानी आसानी से निकल सके। छोटे वाहनों के लिए बेली ब्रिज का निर्माण किया गया
पुलिया निर्माण के कारण इस स्थान पर भी सड़क को वन-वे कर दिया गया है, जिससे दोनों ओर से वाहनों का परिचालन बारी-बारी से हो रहा है। इसके अलावा, भागलपुर के विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद, भले ही वहां छोटे वाहनों के लिए बेली ब्रिज का निर्माण किया गया है, लेकिन देवघर, बंगाल, झारखंड सहित विभिन्न स्थानों से आने वाली बड़ी गाड़ियां अभी भी मुंगेर होकर ही गुजर रही हैं। यह बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र जाने का एकमात्र मार्ग है। संकरी सड़क के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी
इस वजह से इन सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। जहां पहले 24 घंटे में लगभग 5,000 वाहनों का परिचालन होता था, वहीं अब यह संख्या 15,000 से अधिक हो गई है। सड़क पर अत्यधिक दबाव और संकरी सड़क के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा हो रही है। मुंगेर में राष्ट्रीय राजमार्ग 333बी पर भीषण जाम लग गया है। लगभग 5 किलोमीटर तक बड़े वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम का मुख्य कारण मुंगेर-बरियारपुर मुख्य पथ पर तेलिया तालाब जीरोमाइल के पास फ्लाईओवर का निर्माण कार्य है, जिसके चलते सड़क को वन-वे कर दिया गया है। इस फ्लाईओवर निर्माण के कारण नौवागढ़ी से बांक मोड़ के बीच पहले से ही रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती थी। अब तेलिया तालाब जीरोमाइल के समीप एक बड़े पुलिया का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसके तहत सड़क के नीचे पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस पुलिया का निर्माण NHAI विभाग द्वारा किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के दौरान निचले इलाकों में जमा पानी आसानी से निकल सके। छोटे वाहनों के लिए बेली ब्रिज का निर्माण किया गया
पुलिया निर्माण के कारण इस स्थान पर भी सड़क को वन-वे कर दिया गया है, जिससे दोनों ओर से वाहनों का परिचालन बारी-बारी से हो रहा है। इसके अलावा, भागलपुर के विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद, भले ही वहां छोटे वाहनों के लिए बेली ब्रिज का निर्माण किया गया है, लेकिन देवघर, बंगाल, झारखंड सहित विभिन्न स्थानों से आने वाली बड़ी गाड़ियां अभी भी मुंगेर होकर ही गुजर रही हैं। यह बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र जाने का एकमात्र मार्ग है। संकरी सड़क के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी
इस वजह से इन सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। जहां पहले 24 घंटे में लगभग 5,000 वाहनों का परिचालन होता था, वहीं अब यह संख्या 15,000 से अधिक हो गई है। सड़क पर अत्यधिक दबाव और संकरी सड़क के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा हो रही है।


