Jayakwadi Dam Drowning Case Aurangabad: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से दोस्तों के साथ घूमने निकले दो किशोर इस बात से बेखबर थे कि वे पिकनिक मनाने तो जा रहे हैं, लेकिन साथ में लौटकर नहीं आएंगे। दरअसल, जायकवाड़ी बांध घूमने पहुंचे सात दोस्तों के समूह में से दो किशोर जलाशय के गहरे पानी में उतर गए, जिसके बाद वे कभी वापस किनारे पर नहीं लौट सके। इस हादसे के बाद पूरे इलाके और पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है।
जानकारी के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर से सात दोस्तों का एक ग्रुप रविवार को छुट्टी मनाने और आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर करने के लिए निकला था। दिनभर घूमने-फिरने के बाद, शाम करीब 5:30 बजे यह पूरा ग्रुप जायकवाड़ी बांध के जलाशय के पास पहुंचा। वहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते समय, समूह के कुछ लोग पानी के बिल्कुल नजदीक चले गए। इसी दौरान दो किशोर 19 साल का अनिकेत मनु भारती और 18 साल का संकेत सिद्धार्थ खरात पानी में नहाने के लिए गए, लेकिन पानी की गहराई से वे दोनों बेखबर थे। जैसे ही पानी में थोड़ा अंदर गए तेज बहाव होने के कारण संतुलन बिगड़ा और वे गहरे पानी में चले गए।
दोस्तों ने मचाया शोर, बचाव कार्य जारी
अपने दोस्तों को पानी में डूबता और संघर्ष करता देख किनारे पर खड़े बाकी दोस्तों ने जोर-जोर से चिल्लाकर मदद की गुहार लगाई। शोर सुनकर आसपास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और उन्हें बचाने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एक रेस्क्यू टीम भी फौरन मौके पर पहुंची और युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
एक का शव मिला, दूसरे की तलाश जारी
कई घंटों की कड़ी मशक्कत और खोजी अभियान के बाद, बचाव दल ने रविवार देर रात 18 वर्षीय संकेत खरात के शव को पानी से बाहर निकाल लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि, देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद 19 वर्षीय अनिकेत भारती का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन द्वारा अनिकेत की तलाश के लिए सोमवार को भी खोजी अभियान लगातार जारी है।
इस दुखद हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने बांधों, नदियों और जलाशयों का रुख करने वाले पर्यटकों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी है कि पानी की गहराई या उसके बहाव की सटीक जानकारी के बिना किसी भी जलाशय के भीतर कदम न रखें।


