नहर निर्माण में मुआवजे पर किसान नाराज:आरोप: जमीन दोगुनी ली, 9 साल पुरानी दर पर भुगतान; कई को नहीं मिला पैसा

नहर निर्माण में मुआवजे पर किसान नाराज:आरोप: जमीन दोगुनी ली, 9 साल पुरानी दर पर भुगतान; कई को नहीं मिला पैसा

पन्ना विकासखंड के अंतर्गत ‘अहिरगवां माइनर नहर’ के निर्माण को लेकर स्थानीय किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग और ठेकेदार मिलकर उनके साथ अन्याय कर रहे हैं। उचित मुआवजा वितरण प्रक्रिया पूरी किए बिना ही खेतों में जबरन निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रभावित किसान अवध बिहारी पाठक और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि नहर लगभग 20 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। इसके लिए विभाग ने उनकी कुल 17 आरे जमीन अधिग्रहित की है, लेकिन मुआवजा मात्र 8 आरे का ही दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, नहर की खुदाई से निकली मिट्टी को किसानों के उपजाऊ खेतों में डाल दिया गया है, जिससे फसलों और जमीन को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों का सबसे बड़ा विरोध मुआवजे की राशि को लेकर है। राम चरण, किशन गौंड और अजय विश्वकर्मा का कहना है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026 चल रहा है, लेकिन मुआवजा वर्ष 2016 की पुरानी दरों के आधार पर तय किया जा रहा है। कई सिंचित जमीनों को कागजों पर ‘असिंचित’ दिखाकर कम मुआवजा तय करने का आरोप भी है। देवीदीन कुशवाहा के अनुसार, लगभग 30 से 40 प्रतिशत किसानों को अब तक मुआवजे की एक भी किश्त नहीं मिली है, जबकि उनके खेतों पर काम शुरू हो चुका है। नहर के खेतों के बीचों-बीच से गुजरने के कारण कई छोटे और गरीब किसानों के खेत दो हिस्सों में बंट गए हैं, जिससे उनकी बची ुई कृषि योग्य भूमि भी प्रभावित हुई है। किसानों की मांग है कि मुआवजा निर्धारण में वर्ष 2016 की जगह वर्तमान वर्ष 2026 की दरों को लागू किया जाए। खेतों में फेंकी गई मिट्टी की पूरी भरपाई और समुचित मुआवजा मिले। जिन किसानों के खेत दो हिस्सों में बंट रहे हैं, उन्हें सुरक्षित रास्ता या सुरक्षा दी जाए। साथ ही, जिन प्रभावित किसानों को अभी तक राशि नहीं मिली है, उन्हें तुरंत भुगतान किया जाए। इस पूरे मामले में जल संसाधन विभाग के सब इंजीनियर ​नवदीप रमगढिया का कहना है कि करीब 60 से 70 प्रतिशत हितग्राहियों को मुआवजे की राशि दी जा चुकी है। जिन्हें नहीं मिला है वे ज्यादातर सह-खातेदार हैं और उनके आवश्यक दस्तावेज जमा न होने के कारण देरी हो रही है। नहर का निर्माण निर्धारित डिजाइन के अनुसार ही हो रहा है और मुआवजा प्रक्रिया वरिष्ठ स्तर पर पूरी की गई है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *