आगरा जिपलाइन हादसा…बच्चे की जान की कीमत 10 लाख:कंपनी मालिकों ने भिजवाया चेक, विधायक ने सरकारी मदद बताकर दिया

आगरा जिपलाइन हादसा…बच्चे की जान की कीमत 10 लाख:कंपनी मालिकों ने भिजवाया चेक, विधायक ने सरकारी मदद बताकर दिया

आगरा में चौपाटी जिप लाइन से गिरकर 16 साल के कुनाल अग्रवाल की मौत हो गई। इस मामले में कुनाल के मां-बाप ईओडी एम्युजमेंट कंपनी के मालिकों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं कंपनी के मालिकों ने बच्चे की जान की कीमत 10 लाख रुपए लगाकर माता-पिता के पास चेक भेज दिया है। कंपनी की ओर से चेक फिरोजाबाद के विधायक लेकर पहुंचे। मृतक बच्चे के पिता को सरकारी मदद बताते हुए गुमराह करते हुए चेक दे दिया गया। जब उन्हें जानकारी हुई तो उन्होंने चेक लेने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें रुपए नहीं, बल्कि बच्चे के हत्यारों को सजा दिलानी है। वहीं, एडीए ने अपनी जांच रिपोर्ट में कर्मचारियों पर ठीकरा फोड़ कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। 10 लाख रुपए लगाई जान की कीमत
अपने बेटे की आंखों के सामने 45 फीट ऊपर से गिरकर मौत के मामले में पिता पंकज और मां अभी भी सदमे से नहीं उबर सके हैं। उन्होंने कंपनी के मालिकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर डीएम आगरा से भी मुलाकात की थी। वो बेटे को याद करते हुए रो पड़ते हैं। इसी बीच ईओडी एडवेंचर पार्क के मालिकों ने कुनाल की मौत के मामले को निपटाने के लिए पिता पंकज के पास 10 लाख रुपए का चेक भिजवा दिया। कुनाल के पिता ने बताया कि फिरोजाबाद के विधायक उनके पास चेक लेकर आए थे। उन्हें बताया गया कि एडीए की ओर से सरकारी मदद दी गई है। ऐसे में उन्होंने चेक ले लिया। मगर, बाद में जब उन्होंने चेक देखा तो पता चला कि वो चेक ईओडी कंपनी के मालिक की ओर से भिजवाया गया है। ऐसे में उन्होंने वो चेक लेने से इंकार कर दिया है। बेटे के हत्यारों को सजा मिला
दैनिक भास्कर से बात करते हुए मृतक कुनाल के पिता ने कहा कि वो ज्यादा पढे़ लिखे नहीं है। उस समय चेक ले लिया। मगर,जब पत्नी ने चेक देखा तो पता चला कि जिस कंपनी की लापरवाही से हमारे बेटे की जान गई है, ये उसकी तरफ से भेजा गया है। बाद में समझ आया कि 10 लाख रुपए देकर कंपनी चाहती है कि हम कोई कार्रवाई न करें। उनका कहना है कि कई लोग उनके पास आ रहे हैं। वो कंपनी पर कार्रवाई न करने की बात कह रहे हैं। मगर, उन्होंने ठान लिया है कि बेटे की मौत के सभी जिम्मेदारों को सजा दिलाकर रहेंगे। जांच समिति ने यह रिपोर्ट दी ADA उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने जांच के लिए सचिव संजय कुमार की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति ने शनिवार यानी 30 मई को अपनी जांच रिपोर्ट उपाध्यक्ष को सौंप दी। इसके अनुसार, 24 मई को हादसे से पहले 92 लोग जिप लाइन की राइड कर चुके थे। चौपाटी परिसर में कंपनी के 8 सुरक्षाकर्मी और 62 कर्मचारी मौजूद थे। जांच में यह भी सामने आया कि हादसे के बाद जिप लाइन को तत्काल बंद नहीं किया गया। कई लोगों को राइड कराई जाती रही। समिति ने माना है कि घायल कुनाल को मौके पर प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया। क्योंकि, चौपाटी में फर्स्ट एड की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों ने कुनाल को राइड से पहले सेफ्टी किट तो पहनाई थी। लेकिन बड़े टॉवर से मुख्य द्वार के पास स्थित दूसरे टॉवर तक जाने वाली रस्सी से जोड़ते समय सेफ्टी किट का हुक सही तरीके से नहीं लगाया गया। इसी लापरवाही को हादसे का प्रमुख कारण माना गया है। राइड के दौरान ये लापरवाही हुई जांच के अन्य अहम बिंदु जांच समिति ने दिए अहम सुझाव क्या था पूरा मामला
24 मई को फेज-टू स्थित चौपाटी में लगी जिप लाइन से गिरकर फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल के बेटे कुनाल अग्रवाल (16) की मौत हो गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस दौरान पुलिस ने दिल्ली के रहने वाले अपूर्व बब्बर और गीतिका बब्बर की कंपनी ईओडी एडवेंचर पार्क में काम करने वाले दो कर्मचारियों अभिषेक और संतोष कुमार दुबे को गिरफ्तार किया था। पुलिस मामले की अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है। साथ ही ADA भी इस मामले की जांच कर रहा था। एडीए ने अपनी जांच रिपोर्ट में कर्मचारियों को दोषी माना। हालांकि कुनाल के परिजन इस जांच से संतुष्ट नहीं है। —————————
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