हरियाणा ATS में नहीं होगी सीधी भर्ती:डेप्यूटेशन से जुटाएंगे स्टाफ; दूसरे विभागों से भी आएंगे कर्मी, 575 कर्मचारी-अधिकारी का स्ट्रक्चर

हरियाणा ATS में नहीं होगी सीधी भर्ती:डेप्यूटेशन से जुटाएंगे स्टाफ; दूसरे विभागों से भी आएंगे कर्मी, 575 कर्मचारी-अधिकारी का स्ट्रक्चर

हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन फिलहाल इसके लिए नई भर्ती नहीं की जाएगी। सरकार ने प्रारंभिक चरण में पुलिस विभाग और अन्य सरकारी विभागों से जरूरत के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति (डेप्यूटेशन) पर लेने का फैसला किया है। इससे नए पदों पर भर्ती और उससे जुड़ा वित्तीय बोझ टाला जा सकेगा। सूत्रों के अनुसार, ATS के गठन को लेकर तैयार किए गए प्रारूप में पहले बड़ी संख्या में नए पद सृजित करने और कुछ पदों को सीधी भर्ती से भरने का प्रस्ताव था। हालांकि, वित्त विभाग की आपत्तियों और खर्च को लेकर हुई समीक्षा के बाद सरकार ने शुरुआत में मौजूदा मानव संसाधन का उपयोग करने की रणनीति अपनाई है। IG लेवल का अधिकारी करेगा लीड हरियाणा पुलिस का मानना है कि राज्य में आतंकवाद, संगठित अपराध, अंतरराज्यीय गैंग नेटवर्क और संवेदनशील सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक विशेषीकृत ATS की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से अलग यूनिट के गठन की कवायद चल रही है। प्रस्तावित ढांचे में आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम काम करेगी, लेकिन शुरुआती चरण में स्टाफ प्रतिनियुक्ति के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर रेगुलर भर्ती की मिलेगी मंजूरी सरकार का तर्क है कि प्रतिनियुक्ति मॉडल से ATS को जल्द संचालन योग्य बनाया जा सकेगा। पुलिस विभाग के प्रशिक्षित अधिकारियों और कर्मचारियों को सीधे यूनिट में तैनात करने से भर्ती प्रक्रिया में लगने वाला लंबा समय भी बचेगा। आवश्यकता पड़ने पर बाद में रेगुलर स्ट्रक्चर और भर्ती नियमों पर निर्णय लिया जा सकता है। पहले क्या था प्रस्ताव? ATS के लिए सैकड़ों पदों का ढांचा प्रस्तावित था। कुछ पदों को सीधी भर्ती से भरने का सुझाव दिया गया था। कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर स्तर पर नई भर्ती का प्रारूप भी चर्चा में था। वित्तीय और प्रशासनिक समीक्षा के बाद फिलहाल प्रतिनियुक्ति मॉडल को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि, सरकार अभी नई भर्ती पर तत्काल खर्च से बचाव करना चाह रही है। अनुभवी पुलिस कर्मियों की तुरंत उपलब्धता को देखते हुए सरकार ये फैसला कर रही है। कम समय में ATS को एक्टिव करने की तैयारी सरकार कर रही है। सरकार ATS को क्या-क्या देगी, यहां पढ़िए… हरियाणा सरकार की ओर से एटीएस को आवश्यक ऑफिस, रेजीडेंशियल सुविधा, ट्रांसपोर्ट एवं अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर दिया जाएगा। हाईटेक एटीएस ट्रेनिंग एरिया के लिए जमीन चिन्हित की जाएगी, जिसमें इनडोर-आउटडोर फायरिंग रेंज, स्ट्रेटजिक ड्राइविंग प्रेक्टिस, बाधाओं सहित आउटडोर ट्रेनिंग, रूम इन्टरफ्रेरेंस ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी। एटीएस हाईटेक मॉनिटरिंग टैक्नालॉजी, वेपन, बख्तरबंद वाहनों, कम्यूनिकेशन, कंप्यूटरिंगग एवं अन्य डिवाइस दी जाएगी। रैंक वाइज पोस्ट एटीएस को लीड आईजीपी लेवल का आईपीएस अफसर करेगा। इसके बाद 4 आईपीएस रैंक के अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक (SP) की जिम्मेदारी दी जाएगी। 9 डिप्टी एसपी रखे जाएंगे। एक डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, दो असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, असिस्टेंट डायरेक्टर (बेलेस्टिक), दो सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर रखे जाएंगे। इसके अलावा दो पोस्ट सीनियर साइंटिफिक असिस्टेंट की रखी गई हैं। साइंटिफिक असिस्टेंट (एक्सप्लोसिव) की एक पोस्ट, लैब असिस्टेंट (एक्सप्लोसिव) की पोस्ट एटीएस में आवंटित की गई है। ऐसा होगा मिनिस्ट्रियल- स्टाफ स्ट्रक्चर मिनिस्ट्रियल-अदर स्टाफ को सेक्शन ऑफिसर (अकाउंट) लीड करेगा। इसकी एक पोस्ट होगी। एक पोस्ट ऑफिस सुरपरिटेंडेंट और दो पोस्ट डिप्टी सुपरिटेंडेंट की रखी गई हैं। अन्य स्टाफ की कैटेगरी में एक पर्सनल असिस्टेंट, चार असिस्टेंट, आठ क्लर्क और तीन पोस्टें सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर की रखी गई हैं। 24 पद एक्सक्लूसिव क्लर्किल कैडर होंगे एक्सक्लूसिव क्लर्क कैडर में एक इंस्पेक्टर, एक सब- इंस्पेक्टर, दो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, चार हेड कॉन्स्टेबल, आठ कॉन्स्टेबल, एक सब इंस्पेक्टर (अकाउंट), एक असिस्टेंट सब- इंस्पेक्टर अकाउंट, दो हेड कॉन्स्टेबल अकाउंट और चार कॉन्स्टेबल अकाउंट के पद रखे गए हैं। जनरल ड्यूटी की अलग कैटेगरी एटीएस की जनरल कैटेगरी में 17 इंस्पेक्टर, 20 सब- इंस्पेक्टर, 70 असिस्टेंट सब- इंस्पेक्टर, 120 हेड कॉन्स्टेबल, 186 कॉन्स्टेबल के पदों को शामिल किया गया है। कॉन्ट्रैक्चुअल के 94 पद होंगे। इनमें सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर (सीनियर सिस्टम एनालिस्ट), डिजिटल फोरेंसिक परीक्षक (सिस्टम विश्लेषक), नेटवर्किंग निगरानी और आक्रामक अवरोधन विशेषज्ञ (सिस्टम विश्लेषक), एटीएस हॉर्स और एटीएस पीएसएस के लिए प्रोग्रामर/डेटा विश्लेषक, नक्शानवीस, कुक, एटीएस पीएस जल वाहक, सफाईकर्मी, माली, एटीएस मुख्यालय, एटीएस पुलिस स्टेशन, विशेष ऑपरेशन इकाइयां, चपरासी के पद शामिल किए गए हैं। 35 करोड़ रुपए होंगे खर्च कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के लिए 35 करोड़ 40 लाख 30 हजार 608 रुपए का अतिरिक्त वार्षिक खर्च सरकारी खजाने पर पड़ेगा। एटीएस के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 2 मार्च को पेश किए बजट में आवंटित कर दिए हैं। अब जल्द ही इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मूल वेतन का 30% विशेष भत्ता मिलेगा गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित आदर्श आतंकवाद विरोधी सेवा संरचना में आतंकवाद विरोधी कार्यों के लिए उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहनों की सिफारिश की गई है। एटीएस के गठन में यह प्रस्ताव रखा गया है कि आतंकवाद विरोधी सेवा में तैनात-संलग्न पुलिस अधिकारियों (कॉन्स्टेबल से डीएसपी रैंक तक) के साथ-साथ तोड़फोड़ विरोधी जांच दल और बम निरोधक दल के सदस्यों को मूल वेतन का 30 प्रतिशत विशेष भत्ता के रूप में दिया जाएगा।

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