भास्कर न्यूज | समस्तीपुर बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा को लेकर उठ रहे विवाद के बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष एवं छात्र नेता दिलीप कुमार ने परीक्षा में पेपर लीक और धांधली-सेटिंग के आरोपों की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) से निष्पक्ष जांच कराने तथा परीक्षा रद्द करने की मांग की है। दिलीप कुमार ने कहा कि 27 मई को आयोजित दारोगा मुख्य परीक्षा विवादों में घिर गई है। अभ्यर्थियों द्वारा लगातार पेपर लीक और धांधली-सेटिंग के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गया जिले में पुलिस ने हाईटेक तरीके से सेटिंग कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध करा रहा था। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों को प्रश्न-पत्र नहीं दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद प्रश्न-पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे पेपर लीक की आशंका और मजबूत होती है। छात्र हित में परीक्षा को तत्काल रद्द कर पूरे मामले की ईओयू से जांच कराई जानी चाहिए तथा दोषियों और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।दिलीप कुमार ने दारोगा भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा समाप्ति के बाद अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट और प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराया जाना चाहिए। भास्कर न्यूज | समस्तीपुर बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा को लेकर उठ रहे विवाद के बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष एवं छात्र नेता दिलीप कुमार ने परीक्षा में पेपर लीक और धांधली-सेटिंग के आरोपों की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) से निष्पक्ष जांच कराने तथा परीक्षा रद्द करने की मांग की है। दिलीप कुमार ने कहा कि 27 मई को आयोजित दारोगा मुख्य परीक्षा विवादों में घिर गई है। अभ्यर्थियों द्वारा लगातार पेपर लीक और धांधली-सेटिंग के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गया जिले में पुलिस ने हाईटेक तरीके से सेटिंग कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध करा रहा था। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों को प्रश्न-पत्र नहीं दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद प्रश्न-पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे पेपर लीक की आशंका और मजबूत होती है। छात्र हित में परीक्षा को तत्काल रद्द कर पूरे मामले की ईओयू से जांच कराई जानी चाहिए तथा दोषियों और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।दिलीप कुमार ने दारोगा भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा समाप्ति के बाद अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट और प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराया जाना चाहिए।


