पटियाला में 17 पंचायत सचिव निलंबित:शामलात जमीनों की बोली में गड़बड़ी पर शासन का बड़ा एक्शन, विभाग में मचा हड़कंप

पटियाला में 17 पंचायत सचिव निलंबित:शामलात जमीनों की बोली में गड़बड़ी पर शासन का बड़ा एक्शन, विभाग में मचा हड़कंप

पटियाला जिला प्रशासन ने गांवों की शामलात (साझा) जमीनों की बोली प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर सामने आई अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने जिले के 17 पंचायत सचिवों को तुरंत प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। इस कड़े कदम के बाद पूरे पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है। 2025-26 की बोली प्रक्रिया में सामने आई थीं खामियां मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 2025-26 के लिए पंचायत भूमि की लीज और बोली प्रक्रिया के दौरान सामने आई गंभीर खामियों के बाद अमल में लाई गई है। नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को फायदा पहुंचाने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने गुप्त जांच करवाई थी, जिसमें इन पंचायत सचिवों की लापरवाही और मिलीभगत उजागर हुई। सरकारी संपत्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीडीपीओ मामले की पुष्टि करते हुए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) मोहिंदर जीत सिंह ने बताया कि सरकार और उच्चाधिकारियों द्वारा पंचायत संपत्तियों के पारदर्शी और नियमानुसार प्रबंधन के लिए पहले ही बेहद सख्त निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद, कुछ पंचायत सचिवों द्वारा बोली प्रक्रिया के दौरान घोर लापरवाही बरती गई और नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। डीडीपीओ ने कहा कि गांवों की शामलात जमीनें ग्रामीण जनता की साझा और बहुमूल्य संपत्ति हैं। इनके उपयोग, आवंटन और लीज संबंधी सभी सरकारी नियमों का पालन करना हर अधिकारी के लिए अनिवार्य है। जनता की संपत्ति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” विभागीय जांच शुरू, गाज गिरने का सिलसिला रहेगा जारी प्रशासन ने कहा कि निलंबित 17 पंचायत सचिवों के खिलाफ एक उच्च स्तरीय विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। डीडीपीओ के अनुसार, इस जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और यदि जांच के दौरान किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका या संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी बिना किसी रियायत के नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बीडीपीओ को पूरी पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने जिले के सभी ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) को लिखित निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि भविष्य में गांवों की शामलात जमीनों की बोली और अन्य सभी पंचायत संबंधी कार्य पूरी पारदर्शिता, वीडियोग्राफी और तय नियमों के अनुसार ही करवाए जाएं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पंचायत संपत्तियों की सुरक्षा और जनहितों की रक्षा के लिए आने वाले दिनों में भी ऐसी अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त रुख जारी रहेगा।

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