Penalty Shootout में टूटा Arsenal का सपना, PSG लगातार दूसरी बार बना Europe का चैंपियन

Penalty Shootout में टूटा Arsenal का सपना, PSG लगातार दूसरी बार बना Europe का चैंपियन

यूरोपीय क्लब फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित खिताब के लिए खेला गया फाइनल मुकाबला आखिरी क्षण तक रोमांच से भरपूर रहा। बुडापेस्ट के पुस्कास एरेना में खेले गए इस मुकाबले में पेरिस सेंट जर्मेन ने आर्सेनल को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है।मौजूद जानकारी के अनुसार निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां पेरिस सेंट जर्मेन ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।गौरतलब है कि पेरिस सेंट जर्मेन लगातार दो बार यह खिताब जीतने वाली पहली टीम बनी है, जिसने रियल मैड्रिड के 2016 से 2018 के बीच के लगातार खिताबी दौर के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। पिछले वर्ष भी फ्रांसीसी क्लब ने इंटर मिलान को 5-0 से हराकर पहली बार यह खिताब जीता था।मुकाबले की शुरुआत आर्सेनल के लिए शानदार रही। छठे मिनट में काई हैवर्ट्ज ने गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। लिएंड्रो ट्रोसार्ड की ओर उछली गेंद को हैवर्ट्ज ने शानदार तरीके से गोल में पहुंचाया और आर्सेनल को शुरुआती बढ़त दिला दी।इसके बाद लंबे समय तक आर्सेनल ने पेरिस सेंट जर्मेन के आक्रमण को रोककर रखा। डेक्लान राइस, मार्टिन ओडेगार्ड और अन्य खिलाड़ियों ने मध्य क्षेत्र में मजबूत खेल दिखाया। वहीं ख्विचा क्वारात्स्खेलिया और उस्मान डेम्बेले जैसे खतरनाक खिलाड़ियों को भी खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला।हालांकि दूसरे हाफ में मुकाबले का रुख बदल गया। 65वें मिनट में आर्सेनल के खिलाड़ी क्रिस्थियन मॉस्केरा द्वारा ख्विचा क्वारात्स्खेलिया को पेनल्टी क्षेत्र में गिराने पर पेरिस सेंट जर्मेन को पेनल्टी मिली। उस्मान डेम्बेले ने कोई गलती नहीं की और गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।इसके बाद दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई भी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सकी। ख्विचा क्वारात्स्खेलिया और ब्रैडली बारकोला ने पेरिस सेंट जर्मेन के लिए अच्छे प्रयास किए, जबकि आर्सेनल भी जवाबी हमलों के जरिए दबाव बनाता रहा।अतिरिक्त समय में दोनों टीमें थकान से जूझती नजर आईं और मुकाबला अपेक्षाकृत सतर्क अंदाज में खेला गया। आखिरकार विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।पेनल्टी शूटआउट में आर्सेनल को बड़ा झटका तब लगा जब एबेरेची एज़े अपना प्रयास सफल नहीं कर सके। हालांकि डेविड राया ने नूनो मेंडेस की पेनल्टी रोककर उम्मीदें जिंदा रखीं। लेकिन निर्णायक क्षण में गैब्रियल अपना शॉट गोलपोस्ट के ऊपर मार बैठे, जिससे आर्सेनल की उम्मीदें समाप्त हो गईं।बता दें कि पेरिस सेंट जर्मेन के लिए लुकास बेराल्डो का सफल प्रयास निर्णायक साबित हुआ। इसके साथ ही लुइस एनरिके की टीम ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली।मुकाबले के बाद लुइस एनरिके ने कहा कि यह जीत पिछले साल की तुलना में अधिक कठिन रही क्योंकि आर्सेनल बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी था। वहीं डेक्लान राइस ने हार पर निराशा जताई, लेकिन अपनी टीम के पूरे अभियान पर गर्व भी व्यक्त किया।गौरतलब है कि आर्सेनल ने इस पूरे यूरोपीय अभियान में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में पेनल्टी शूटआउट की किस्मत उसके पक्ष में नहीं रही। दूसरी ओर पेरिस सेंट जर्मेन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह मौजूदा दौर में यूरोपीय क्लब फुटबॉल की सबसे मजबूत टीमों में से एक हैं। 

यूरोपीय क्लब फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित खिताब के लिए खेला गया फाइनल मुकाबला आखिरी क्षण तक रोमांच से भरपूर रहा। बुडापेस्ट के पुस्कास एरेना में खेले गए इस मुकाबले में पेरिस सेंट जर्मेन ने आर्सेनल को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां पेरिस सेंट जर्मेन ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
गौरतलब है कि पेरिस सेंट जर्मेन लगातार दो बार यह खिताब जीतने वाली पहली टीम बनी है, जिसने रियल मैड्रिड के 2016 से 2018 के बीच के लगातार खिताबी दौर के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। पिछले वर्ष भी फ्रांसीसी क्लब ने इंटर मिलान को 5-0 से हराकर पहली बार यह खिताब जीता था।
मुकाबले की शुरुआत आर्सेनल के लिए शानदार रही। छठे मिनट में काई हैवर्ट्ज ने गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। लिएंड्रो ट्रोसार्ड की ओर उछली गेंद को हैवर्ट्ज ने शानदार तरीके से गोल में पहुंचाया और आर्सेनल को शुरुआती बढ़त दिला दी।
इसके बाद लंबे समय तक आर्सेनल ने पेरिस सेंट जर्मेन के आक्रमण को रोककर रखा। डेक्लान राइस, मार्टिन ओडेगार्ड और अन्य खिलाड़ियों ने मध्य क्षेत्र में मजबूत खेल दिखाया। वहीं ख्विचा क्वारात्स्खेलिया और उस्मान डेम्बेले जैसे खतरनाक खिलाड़ियों को भी खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला।
हालांकि दूसरे हाफ में मुकाबले का रुख बदल गया। 65वें मिनट में आर्सेनल के खिलाड़ी क्रिस्थियन मॉस्केरा द्वारा ख्विचा क्वारात्स्खेलिया को पेनल्टी क्षेत्र में गिराने पर पेरिस सेंट जर्मेन को पेनल्टी मिली। उस्मान डेम्बेले ने कोई गलती नहीं की और गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके बाद दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई भी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सकी। ख्विचा क्वारात्स्खेलिया और ब्रैडली बारकोला ने पेरिस सेंट जर्मेन के लिए अच्छे प्रयास किए, जबकि आर्सेनल भी जवाबी हमलों के जरिए दबाव बनाता रहा।
अतिरिक्त समय में दोनों टीमें थकान से जूझती नजर आईं और मुकाबला अपेक्षाकृत सतर्क अंदाज में खेला गया। आखिरकार विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।
पेनल्टी शूटआउट में आर्सेनल को बड़ा झटका तब लगा जब एबेरेची एज़े अपना प्रयास सफल नहीं कर सके। हालांकि डेविड राया ने नूनो मेंडेस की पेनल्टी रोककर उम्मीदें जिंदा रखीं। लेकिन निर्णायक क्षण में गैब्रियल अपना शॉट गोलपोस्ट के ऊपर मार बैठे, जिससे आर्सेनल की उम्मीदें समाप्त हो गईं।
बता दें कि पेरिस सेंट जर्मेन के लिए लुकास बेराल्डो का सफल प्रयास निर्णायक साबित हुआ। इसके साथ ही लुइस एनरिके की टीम ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली।
मुकाबले के बाद लुइस एनरिके ने कहा कि यह जीत पिछले साल की तुलना में अधिक कठिन रही क्योंकि आर्सेनल बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी था। वहीं डेक्लान राइस ने हार पर निराशा जताई, लेकिन अपनी टीम के पूरे अभियान पर गर्व भी व्यक्त किया।
गौरतलब है कि आर्सेनल ने इस पूरे यूरोपीय अभियान में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में पेनल्टी शूटआउट की किस्मत उसके पक्ष में नहीं रही। दूसरी ओर पेरिस सेंट जर्मेन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह मौजूदा दौर में यूरोपीय क्लब फुटबॉल की सबसे मजबूत टीमों में से एक हैं।

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