गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत चरघरा पंचायत के तीनमहुआ इलाके में प्रतिबंधित पशु का कटा हुआ सिर मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। देखते ही देखते यह खबर आसपास के गांवों में भी फैल गई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने इस घटना को क्षेत्र की शांति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश करार दिया। आक्रोशित लोगों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए घटनास्थल पर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। पुलिस ने संभाली स्थिति, जांच का दिया भरोसा मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुआ थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर प्रदीप दास और थाना प्रभारी विभूति देव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने तथा कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आक्रोशित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ वार्ता के बाद पुलिस प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया कि 24 से 48 घंटे के भीतर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रित हुई। पुलिस ने इलाके में बढ़ाई निगरानी इस घटना को लेकर भाजपा नेता बाल गोविंद यादव, चरघरा पंचायत के मुखिया महावीर दास और पंचायत समिति सदस्य सोनिया हेंब्रम ने इसे गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा होगा। वहीं, थाना प्रभारी विभूति देव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया गया। बाद में पशु के सिर को मिट्टी में दफनाकर ढक दिया गया। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत चरघरा पंचायत के तीनमहुआ इलाके में प्रतिबंधित पशु का कटा हुआ सिर मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। देखते ही देखते यह खबर आसपास के गांवों में भी फैल गई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने इस घटना को क्षेत्र की शांति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश करार दिया। आक्रोशित लोगों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए घटनास्थल पर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। पुलिस ने संभाली स्थिति, जांच का दिया भरोसा मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुआ थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर प्रदीप दास और थाना प्रभारी विभूति देव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने तथा कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आक्रोशित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ वार्ता के बाद पुलिस प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया कि 24 से 48 घंटे के भीतर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रित हुई। पुलिस ने इलाके में बढ़ाई निगरानी इस घटना को लेकर भाजपा नेता बाल गोविंद यादव, चरघरा पंचायत के मुखिया महावीर दास और पंचायत समिति सदस्य सोनिया हेंब्रम ने इसे गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा होगा। वहीं, थाना प्रभारी विभूति देव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया गया। बाद में पशु के सिर को मिट्टी में दफनाकर ढक दिया गया। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।


