राजकीय सरदार जनाना अस्पताल परिसर में एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला और समीक्षा बैठक में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।इसमें एसटीएस सुरेश सैनी ने प्रसाविकाओं और आशा सहयोगिनियों को निक्षय आईडी तथा आभा आईडी बनाने का गहन प्रशिक्षण दिया। बीसीएमओ डॉ. धर्मेन्द्र ने बताया- इस 100 दिवसीय अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर 14 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी बच्चों और नागरिकों की निक्षय आईडी बनाएंगे। साथ ही, प्रत्येक व्यक्ति की टीबी स्क्रीनिंग भी की जाएगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध कराना, निक्षय पोषण योजना के तहत वित्तीय सहायता देना और देश को टीबी मुक्त बनाना है। प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा डॉ. धर्मेन्द्र ने एचपीवी टीकाकरण की प्रगति रिपोर्ट की भी समीक्षा की। कुछ क्षेत्रों में कम प्रगति पर उन्होंने सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी एएनएम और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार एचपीवी टीकाकरण की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें। स्टाफ केा अलर्ट मोड पर रहने के आदेश मौसमी बीमारियों को देखते हुए बीसीएमओ डॉ. धर्मेन्द्र ने सभी फील्ड स्टाफ को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए एन्टीलार्वा गतिविधियां नियमित रूप से की जाएं। साथ ही, संभावित मरीजों की मलेरिया स्लाइड लेने और डोर-टू-डोर सर्वे के कार्य में तेजी लाई जाए ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके। बीपीओ विजय तिवाड़ी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की बात कही। राजकीय सरदार जनाना अस्पताल के प्रभारी उपनिदेशक डॉ. दिलीप कुमार पंवार ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


