लखनऊ(Om Prakash Rajbhar) : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सियासी बयानबाजी लगातार तीखी होती जा रही है। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्हें अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती दिख रही है, इसलिए वह फिर विदेश दौरे की तैयारी में हैं।
राजभर ने सपा कार्यकर्ताओं को लेकर भी विवादित टिप्पणियां कीं और आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक हित साधने के लिए करता है।
‘जून की गर्मी बर्दाश्त से बाहर, बैग पैक हो गया’
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अरे ओ सपाई लोडरों! कभी लंदन गए हो? इसलिए पूछ रहा हूं कि तुम्हारे ‘ट्विटर (एक्स), एसी और पीसी’ वाले ‘कव्वाल’ भइया जी लंदन निकलने की तैयारी में हैं। मालूम नहीं, वहां उनका कौन सा मनपसंद ‘सालाना उर्स’ लगता है, जहां हाजिरी लगाने वह हर साल अंग्रेजों की राजधानी पहुंच जाते हैं। वैसे भी लखनऊ में एसी में बैठकर एक्स (पूर्व में ट्विटर) और प्रेस कॉन्फ्रेंस करते-करते मई का महीना तो बीत ही गया, अब जून की गर्मी उनके बर्दाश्त के बाहर है, लिहाजा बैग पैक होना शुरू हो गया है।’
‘बेमतलब का घाम में घूमकर ‘करिया’ क्यों होना’
उन्होंने आगे लिखा, ‘हमारे यहां एक कहावत है, ‘सब गदहा बैकुंठ चले जाएंगे तो बोझा कौन ढोएगा?’ सपाई लोडरों, इस पर सोचना। तुम लोडरों के गैंग मास्टर ‘भइया जी’ अच्छी तरह से जानते हैं कि 2027 में भी उनका और उनकी पार्टी का कुछ होना-हवाना है नहीं। न यूपी में कोई उनको भाव दे रहा है, बेमतलब का घाम में घूमकर ‘करिया’ क्यों हुआ जाए। वैसे भी तुम लोग तो हो ही भइया-भउजी जिंदाबाद करने के लिए। लगाते रहो नारा, बिछाते रहो दरियां। सच पूछो तो तुम लोगों पर दया भी आती है और हंसी भी। पूछो क्यों? क्योंकि तुम्हारे ‘कव्वाल भइया’ जी को उनके बाबू जी ने तो विदेश में पढ़ा-लिखा दिया। खुद वह भी अपने बाल-गोपालों को विदेश में पढ़ा रहे हैं।’
कहा सिर्फ- भइया-भइया कहने से नहीं चलेगा काम
ओम प्रकाश राजभर ने सपा कार्यकर्ताओं पर तंज कसते हुए लिखा, ‘रही बात तुम लोगों की, तो तुम्हें पढ़ाई-लिखाई से कोई मतलब तो है नहीं। तुम्हारे भइया जी भी यही चाहते हैं कि तुम लोग केवल ‘जय भइया-जय भउजी’ कहकर गैर-यादव ओबीसी और बहुजनों के साथ गुंडई, छिनैती, हत्या, लूट और बलात्कार में व्यस्त रहो और जब पुलिस तुम्हारे पापों के घड़े को ‘ठोक-ठोक’ कर फोड़ेगी, तो दो-चार, दस हजार या लाख रुपये की ‘पुचकार मनी’ भइया जी की ओर से मिल ही जाएगी। उनके बाबूजी ने तो उनकी व्यवस्था कर के रख दी है, तुम लोग अपना-अपना देख लो। देख रहे हो न, डर खत्म होते ही बंगाल में तुम्हारे ‘भइया जी’ की ‘दीदी जी’ के भतिजवा पर जनता कैसे थूक रही है। करम तो तुम लोगों के भी ऐसे ही हैं।’


