अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार भी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, दुर्घटनाओं में कमी लाना और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करना रहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के किनारे किसी भी प्रकार की अनाधिकृत खान-पान की दुकान, ढाबा अथवा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित नहीं किए जाएंगे। साथ ही, भविष्य में सड़क किनारे इस प्रकार के प्रतिष्ठानों को किसी भी प्रकार की लाइसेंस अथवा अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। 10 जून तक हटाया जाएगा अतिक्रमण सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग एवं सर्विस रोड पर स्थित अतिक्रमणों को चिन्हित कर 10 जून तक पूर्णतः हटाना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से दुर्घटना संभावित एवं अति संवेदनशील स्थलों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। बैठक में सड़कों पर अनावश्यक वाहन पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी निर्देश दिया गया। सड़क किनारे अथवा यातायात बाधित करने वाले वाहनों को पेट्रोलिंग टीम द्वारा तत्काल हटवाया जाएगा। निर्देशों की अवहेलना करने वाले वाहन मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सड़क तक नहीं पहुंचनी चाहिए वाहन पेट्रोल पंपों पर लगने वाली वाहनों की कतारों के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी स्थिति में वाहनों की लाइन मुख्य सड़क तक नहीं पहुंचनी चाहिए। पेट्रोल पंप संचालक अपने परिसर के भीतर ही वाहनों की कतार लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने हेतु गुड सेमेरिटन (राहवीर) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया। बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने अथवा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाले नागरिकों को सरकार की योजना के अंतर्गत सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा। सड़क सुरक्षा अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए सभी संवेदनशील एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक साइनेज, चेतावनी बोर्ड एवं अन्य सड़क सुरक्षा संकेतक लगाने के निर्देश भी दिए गए। अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार भी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, दुर्घटनाओं में कमी लाना और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करना रहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के किनारे किसी भी प्रकार की अनाधिकृत खान-पान की दुकान, ढाबा अथवा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित नहीं किए जाएंगे। साथ ही, भविष्य में सड़क किनारे इस प्रकार के प्रतिष्ठानों को किसी भी प्रकार की लाइसेंस अथवा अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। 10 जून तक हटाया जाएगा अतिक्रमण सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग एवं सर्विस रोड पर स्थित अतिक्रमणों को चिन्हित कर 10 जून तक पूर्णतः हटाना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से दुर्घटना संभावित एवं अति संवेदनशील स्थलों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। बैठक में सड़कों पर अनावश्यक वाहन पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी निर्देश दिया गया। सड़क किनारे अथवा यातायात बाधित करने वाले वाहनों को पेट्रोलिंग टीम द्वारा तत्काल हटवाया जाएगा। निर्देशों की अवहेलना करने वाले वाहन मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सड़क तक नहीं पहुंचनी चाहिए वाहन पेट्रोल पंपों पर लगने वाली वाहनों की कतारों के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी स्थिति में वाहनों की लाइन मुख्य सड़क तक नहीं पहुंचनी चाहिए। पेट्रोल पंप संचालक अपने परिसर के भीतर ही वाहनों की कतार लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने हेतु गुड सेमेरिटन (राहवीर) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया। बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने अथवा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाले नागरिकों को सरकार की योजना के अंतर्गत सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा। सड़क सुरक्षा अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए सभी संवेदनशील एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक साइनेज, चेतावनी बोर्ड एवं अन्य सड़क सुरक्षा संकेतक लगाने के निर्देश भी दिए गए।


