नालंदा में समझौता कराने गए अधेड़ की हत्या:सिर पर लाठी लगने से हुए थे घायल, पटना में चल रहा था इलाज

नालंदा में समझौता कराने गए अधेड़ की हत्या:सिर पर लाठी लगने से हुए थे घायल, पटना में चल रहा था इलाज

नालंदा में मारपीट में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। 15 दिन पहले गोनावां गांव में बच्चों के बीच विवाद हुआ था। झगड़ा शांत कराने के दौरान लाठी-डंडे से पिटाई की गई थी। मृतक की पहचान दुखीराम(58) के तौर पर हुई है। घटना हरनौत थाना क्षेत्र की है। झगड़ा सुलझाने गए थे मृतक के पुत्र रूपेश कुमार ने बताया कि 16 मई को गांव में बच्चों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। पिताजी बेहद शांत और सीधे स्वभाव के व्यक्ति थे। वे अपने बच्चे को वहां से वापस लाने और मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए गए थे। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उन पर हमला हो जाएगा। जब उनके पिता वहां पहुंचे, तो गांव के ही मुन्नी राम और उसके परिजनों ने एकजुट होकर अचानक हमला कर दिया। इसी दौरान किसी ने सिर पर लाठी से जोरदार वार कर दिया, जिससे वे वहीं अचेत होकर गिर पड़े। आनन-फानन में सदर अस्पताल लाया गया। वहां से डॉक्टरों ने पटना रेफर कर दिया। काफी कोशिश के बाद भी जान नहीं बची।
हलवाई का काम करते थे ग्रामीणों के अनुसार, दुखीराम पेशे से हलवाई थे। मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे अपने पीछे 7 बच्चों समेत एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि मारपीट की घटना अधेड़ की इलाज के दौरान मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेजा गया है। परिजनों की ओर से आवेदन मिला है। केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। नालंदा में मारपीट में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। 15 दिन पहले गोनावां गांव में बच्चों के बीच विवाद हुआ था। झगड़ा शांत कराने के दौरान लाठी-डंडे से पिटाई की गई थी। मृतक की पहचान दुखीराम(58) के तौर पर हुई है। घटना हरनौत थाना क्षेत्र की है। झगड़ा सुलझाने गए थे मृतक के पुत्र रूपेश कुमार ने बताया कि 16 मई को गांव में बच्चों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। पिताजी बेहद शांत और सीधे स्वभाव के व्यक्ति थे। वे अपने बच्चे को वहां से वापस लाने और मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए गए थे। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उन पर हमला हो जाएगा। जब उनके पिता वहां पहुंचे, तो गांव के ही मुन्नी राम और उसके परिजनों ने एकजुट होकर अचानक हमला कर दिया। इसी दौरान किसी ने सिर पर लाठी से जोरदार वार कर दिया, जिससे वे वहीं अचेत होकर गिर पड़े। आनन-फानन में सदर अस्पताल लाया गया। वहां से डॉक्टरों ने पटना रेफर कर दिया। काफी कोशिश के बाद भी जान नहीं बची।
हलवाई का काम करते थे ग्रामीणों के अनुसार, दुखीराम पेशे से हलवाई थे। मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे अपने पीछे 7 बच्चों समेत एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि मारपीट की घटना अधेड़ की इलाज के दौरान मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेजा गया है। परिजनों की ओर से आवेदन मिला है। केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।  

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