How To Choose Best Glasses For Kids: बड़ों की तरह ही अब छोटे बच्चों के लिए भी तरह-तरह के डिजाइन, स्टाइल और ग्लास वाले चश्मे उपलब्ध हैं। लोग इन्हें फैशन के साथ-साथ बच्चों की आंखों की सुरक्षा के लिए भी पहनाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से चुना गया चश्मा बच्चों की आंखों को नुकसान भी पहुंचा सकता है?
आइए, ऑप्थाल्मोलॉजिस्ट डॉ. नितेश बंसल से जानते हैं कि बच्चों के लिए किस तरह के चश्मे सही होते हैं।
बच्चों के लिए किस तरह के फ्रेम सही होते हैं? (Best Frames for Kids)
बच्चों के लिए ऐसे फ्रेम सही होते हैं जो हल्के, लचीले (Flexible) और अटूट (Unbreakable) हों, जैसे कि टीआर-90 (TR-90) प्लास्टिक या सिलिकॉन से बने फ्रेम।
बच्चों के लिए किस डिजाइन के चश्मे सही होते हैं? (Best Designs for Kids)
बच्चों के लिए ऐसा डिजाइन चुनें जो उनके चेहरे पर सही तरीके से फिट हो और उनकी आंखों को पूरी तरह कवर करे, ताकि उन्हें धूप और धूल से बचाया जा सके। इसके साथ ही सिलिकॉन पैड वाले फ्रेम चुनें जो चश्मे को चेहरे पर टिकने में मदद करते हैं। इसके अलावा, बच्चे वही चश्मा पहनना पसंद करते हैं जो उन्हें देखने में आकर्षक लगे। उन्हें अपने पसंदीदा रंग या कार्टून वाले फ्रेम चुनने दें, जिससे वे इसे पहनने में संकोच न करें।
बच्चों के लिए किस लेंस के चश्मे सही होते हैं? (Best Lenses for Kids)
बच्चों के लिए पॉलीकार्बोनेट (Polycarbonate) लेंस अच्छे माने जाते हैं। ये लेंस बेहद हल्के, झटके सहने वाले (इम्पैक्ट-रेसिस्टेंट) और आसानी से नहीं टूटने वाले होते हैं, जिससे खेलते समय बच्चों की आंखों को पूरी सुरक्षा मिलती है।
चश्मा खरीदते समय इन बातों का भी रखें ध्यान (Points to Consider While Buying)
स्क्रैच-रेसिस्टेंट कोटिंग (Scratch-Resistant Coating):
बच्चों के चश्मे के लेंस को खरोंच आने से बचाने के लिए स्क्रैच-रेसिस्टेंट कोटिंग लगवाएं।
ब्लू-कट लेंस (Blue-Cut Lenses):
अगर आपके बच्चे का स्क्रीन टाइम बहुत ज्यादा है, तो आप ब्लू-लाइट फिल्टर लेंस लगवा सकते हैं।
एन्टी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग (Anti-Reflective Coating):
आप लेंस पर एन्टी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग भी करवा सकते हैं। यह लेंस पर पड़ने वाली चकाचौंध (Glare) को कम करती है, जिससे बच्चों को पढ़ने और देखने में आसानी होती है।
ध्यान दें, अगर बच्चे को आंख से जुड़ी कोई परेशानी महसूस हो रही है तो उसे तुरंत किसी अच्छे आंख के डॉक्टर को दिखाएं। अपनी तरफ से आंखों में कोई दवाई न डालें और न ही किसी स्टोर से उसके लिए चश्मे खरीदें।


