Footballer Lionel Messi Kolkata Event: पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरुप विस्वास अब बुरी तरह फंस गए हैं। उन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पश्चिम बंगाल में सत्ता जाने के बाद पूर्व सीएम ममता बनर्जी के करीबियों की टेंशन बढ़ती जा रही है। एक दिन पहले भतीजे अभिषेक बनर्जी को भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा था। अब पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास बुरी तरह फंस गए हैं।
दरअसल, विश्व के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी को कोलकाता लाने वाले आयोजक अब पुलिस के पास पहुंच गए हैं। दिसंबर 2025 में युबा भारती क्रीड़ांगन में हुए उस हाई वोल्टेज इवेंट के बाद जो तहलका मचा था, उसकी आंच अब पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास तक पहुंच गई है।
टिकट के लिए धमकाया गया
बिधाननगर पुलिस ने शतद्रु दत्ता की शिकायत पर अरूप बिस्वास और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आयोजक शतद्रु दत्ता का आरोप है कि उन्हें कॉम्प्लिमेंटरी टिकट्स देने के लिए धमकाया गया। ये टिकट्स बाद में कथित तौर पर ब्लैक में बेचे गए।
‘इवेंट की तैयारी में लगा मेहनत’
शतद्रु दत्ता ने मेस्सी जैसे स्टार को भारत लाने के लिए महीनों की मेहनत की थी। टिकट बिक्री, सिक्योरिटी, शो फ्लो सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा था। लेकिन इवेंट के दिन स्टेडियम में अफरा-तफरी मच गई।
VIP लोग बिना अनुमति के अंदर घुस गए, सिक्योरिटी ब्रेकडाउन हो गया और मेस्सी की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे। आयोजक का कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन पर दबाव डाला।
उन्होंने कहा- मुझे 22,000 टिकट्स देने को कहा गया। जब मैंने मना किया तो धमकियां मिलीं। बाद में पता चला कि ये टिकट्स ब्लैक मार्केट में बिक रहे थे।
पूर्व मंत्री पर गंभीर आरोप
FIR के मुताबिक, पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास पर मुख्य आरोप हैं। शतद्रु दत्ता का दावा है कि मंत्री और उनके करीबियों ने इवेंट में अनधिकृत दखल दिया, जिससे पूरा प्रोग्राम बिगड़ गया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
मेस्सी इवेंट क्यों बना विवादों का अड्डा?
मेस्सी के कोलकाता आने का इवेंट फुटबॉल प्रेमियों के लिए सपना था। हजारों लोग स्टेडियम पहुंचे, लेकिन VIP कल्चर और राजनीतिक दखलअंदाजी ने सब खराब कर दिया।
आयोजक पर ही सारा दोष डाल दिया गया और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। अब शतद्रु चुप नहीं रहे और सब कुछ खोलकर रख दिया।
स्थानीय फुटबॉल प्रेमी और आम लोग कह रहे हैं कि ऐसे बड़े इवेंट में राजनीति नहीं आनी चाहिए। एक तरफ मेस्सी जैसे खिलाड़ी को आमंत्रित किया, दूसरी तरफ सिक्योरिटी और मैनेजमेंट में लापरवाही बरती गई।


