मिर्जापुर में हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर मीरजापुर प्रेस क्लब ट्रस्ट ने “वैश्विक परिदृश्य में पत्रकारिता” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। लाल डिग्गी स्थित लायंस स्कूल सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता की चुनौतियों, लोकतंत्र में उसकी भूमिका और बदलते मीडिया परिवेश पर गहन चर्चा हुई। नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने इस अवसर पर पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार न हों तो सरकार तानाशाह हो सकती है। विधायक मिश्र ने भारत को “सोने की चिड़िया” के बजाय “बब्बर शेर” बनने का आह्वान किया, ताकि वह अपनी सुरक्षा और सम्मान की रक्षा स्वयं कर सके। उन्होंने पत्रकारिता में सत्य और निष्पक्षता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सत्य को सामने लाना होना चाहिए, न कि प्रभाव पैदा करना। विधायक मिश्र ने पत्रकारों को एकजुट होकर समाज और लोकतंत्र के हित में कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने भगवान शिव के परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि परिवार में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। एमएलसी विनीत सिंह ने पत्रकारों से गुटबाजी से दूर रहने और एकजुट होकर निष्पक्ष पत्रकारिता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की आवश्यकता है। इस दौरान पत्रकार भवन की मांग पर भी चर्चा हुई।
पालिकाध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने पत्रकार भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने पत्रकार भवन के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। एमएलसी विनीत सिंह ने आश्वासन दिया कि जमीन मिलते ही अगले दिन से निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। राष्ट्रवादी मंच के मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है और पीत पत्रकारिता लोकतंत्र के लिए खतरा बन रही है। उन्होंने पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया। संपादक कृष्णानंद त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा, “जो छिपाया जाए वह खबर है और जो दिखाया जाए वह प्रचार है।”


