बिहार की नौकरशाही में बैठे भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर बड़ा वार करते हुए सम्राट सरकार ने दो आईएएस अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। 2014 बैच की आईएएस अफसर अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि इन्होंने ठेकेदार रिशुश्री के जरिए रिश्वत, कमीशन और पर्सनल फायदे का पूरा सिंडिकेट खड़ा कर रखा था। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों, सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर की है। रिशुश्री को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच में सामने आया है कि यह सिर्फ रिश्वत का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें सरकारी फैसलों के बदले ठेकेदार से मोटी रकम वसूली जाती थी। ईडी के दस्तावेज, डिजिटल ट्रेल और गवाहों के बयान इस पूरे खेल की पुष्टि करते हैं। अभिलाषा शर्मा फिलहाल जीविका सोसाइटी में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी और योगेश कुमार सागर समाज कल्याण निदेशक थे। दोनों के खिलाफ अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के नियम-3 के उपनियम-3 के तहत यह कार्रवाई की गई है। दोनों निलंबन अवधि में सामान्य प्रशासन विभाग में हाजिरी देंगे। दोनों का वेतन बंद रहेगा। केवल जीवन निर्वाह के लिए भत्ता मिलेगा। बिहार की नौकरशाही में बैठे भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर बड़ा वार करते हुए सम्राट सरकार ने दो आईएएस अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। 2014 बैच की आईएएस अफसर अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि इन्होंने ठेकेदार रिशुश्री के जरिए रिश्वत, कमीशन और पर्सनल फायदे का पूरा सिंडिकेट खड़ा कर रखा था। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों, सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर की है। रिशुश्री को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच में सामने आया है कि यह सिर्फ रिश्वत का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें सरकारी फैसलों के बदले ठेकेदार से मोटी रकम वसूली जाती थी। ईडी के दस्तावेज, डिजिटल ट्रेल और गवाहों के बयान इस पूरे खेल की पुष्टि करते हैं। अभिलाषा शर्मा फिलहाल जीविका सोसाइटी में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी और योगेश कुमार सागर समाज कल्याण निदेशक थे। दोनों के खिलाफ अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के नियम-3 के उपनियम-3 के तहत यह कार्रवाई की गई है। दोनों निलंबन अवधि में सामान्य प्रशासन विभाग में हाजिरी देंगे। दोनों का वेतन बंद रहेगा। केवल जीवन निर्वाह के लिए भत्ता मिलेगा।


