पटना नगर निगम चुनाव: सशक्त स्थायी समिति के नतीजे पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के चुनावी नतीजों ने सबको हैरान कर दिया है। इस चुनाव में मेयर सीता साहू के गुट के सभी सात प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा समर्थित सभी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम ने भाजपा के भीतर की कलह और असंतोष को खुलकर सामने ला दिया है। विवाद इसलिए और गहरा हो गया है क्योंकि मेयर सीता साहू खुद भाजपा से जुड़ी हैं; इसके बावजूद पार्टी के घोषित उम्मीदवारों को उनके गुट से शिकस्त झेलनी पड़ी। दरअसल, इस गैरदलीय चुनाव में भाजपा ने बाकायदा अपने सात समर्थित उम्मीदवारों की सूची जारी की थी और पार्षदों से उन्हें वोट देने की अपील की थी। ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में भाजपा जिला अध्यक्ष रूप नारायण मेहता ने स्वीकार किया कि पार्टी स्तर पर समर्थित प्रत्याशियों की सूची जारी की गई थी। पहली सूची जारी होने तक सबकुछ ठीक था, लेकिन शनिवार सुबह 5 से 6 बजे के बीच भाजपा ने अचानक दूसरी संशोधित सूची जारी कर दी। इस नई सूची में पहली सूची के दो मजबूत उम्मीदवारों—मनोज जायसवाल और बिनोद कुमार का नाम हटा दिया गया। ये दोनों पार्षद मेयर सीता साहू के बेहद करीबी माने जाते हैं और पिछली सशक्त स्थायी समिति में भी सदस्य थे। जिला अध्यक्ष मेहता के नाम से जारी इस दूसरी सूची में दो नए पार्षदों—सीमा वर्मा और मनोज मेहता को शामिल कर लिया गया। अपने करीबियों का टिकट कटने से मेयर गुट में भारी असंतोष फैल गया। जवाबी रणनीति के तहत मेयर टीम के छह प्रत्याशियों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ मैदान में ताल ठोक दी। वहीं, एक सीट पर वार्ड-68 की पार्षद सुनीता देवी निर्विरोध चुनी गईं, क्योंकि उनके खिलाफ मेयर टीम ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। सीटों का परिणाम (सीटवार विवरण) सीट 1: कुमार संजीत (जीते, वोट: 39) बनाम पिंकी यादव (हारीं, वोट: 31) सीट 2: बिनोद कुमार (जीते, वोट: 43) बनाम मनोज मेहता (हारे, वोट: 28) सीट 3: अनीता देवी (जीतीं, वोट: 36) बनाम जयप्रकाश सिंह (हारे, वोट: 35) सीट 4: मुन्ना जायसवाल (जीते, वोट: 40) बनाम सीमा वर्मा (हारीं, वोट: 32) सीट 5: राजकुमार गुप्ता (जीते, वोट: 38) बनाम रजनी सिन्हा (हारीं, वोट: 34) सीट 6: श्वेता राय (जीतीं, वोट: 40) बनाम जीत कुमार (हारे, वोट: 31) सीट 7: सुनीता देवी (निर्विरोध चुनी गईं) मतदान का गणित: 75 पार्षदों में दो अनुपस्थित समाहरणालय परिसर स्थित जिला परिषद भवन में सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू होनी थी और 7 बजे से ही पार्षद जुटने लगे थे। दोपहर 12:30 बजे तक चली वोटिंग के दौरान 75 पार्षदों में से दो पार्षद—वार्ड-24 की ज्ञानवती देवी और वार्ड-30 की कावेरी सिंह अनुपस्थित रहीं। इस प्रकार, कुल 73 पार्षदों के मतों से ही जीत-हार का फैसला हुआ। जीत कुमार की वजह से दोनों गुटों में ठनी भाजपा और मेयर गुट में आपसी सहमति नहीं बनने की एक बड़ी वजह पार्षद जीत कुमार भी हैं। मेयर गुट ने भाजपा की बैठकों में स्थानीय नेताओं और संगठन पदाधिकारियों से जीत कुमार को चुनाव से हटाने की मांग की थी। उन्होंने उनके बदले किसी अन्य प्रत्याशी को उतारने के लिए कहा था, क्योंकि कुछ महीने पहले जीत कुमार ने ही महापौर के पुत्र और भाजपा नेता शिशिर कुमार पर मारपीट और गाली-गलौज करने का केस दर्ज कराया था। इसके बावजूद भाजपा जीत कुमार के नाम पर अड़ गई और जारी की गई दोनों ही सूचियों में उन्हें शामिल किया गया। इसके बाद ही मेयर गुट और भाजपा समर्थित विपक्ष की टीम आमने-सामने चुनावी मैदान में उतर गई। महापौर सीता साहू का बयान: “मेरा लक्ष्य है कि पटना देश का नंबर-1 शहर बने। विकास के नाम पर ही पार्षदों ने वोट करके सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों को जिताया है। इस जीत के लिए एनडीए के तमाम बड़े नेताओं, पदाधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई। हम सब मिलकर पटना के विकास के लिए कार्य करेंगे।” मुख्य बिंदु: सुबह बदली सूची और बिगड़ गया खेल मेयर गुट का दबदबा: मेयर गुट के 6 उम्मीदवारों को कुल 236 वोट मिले, जबकि विपक्षी खेमे को मात्र 191 वोट ही मिल सके। इस तरह मेयर गुट को 45 वोट अधिक मिले। चुनाव में तीन वोट अवैध घोषित किए गए। बिनोद कुमार को सबसे अधिक मत: पुराने पांचों सदस्यों में से वार्ड-70 के पार्षद बिनोद कुमार ने सबसे अधिक 43 वोट हासिल किए। उन्होंने वार्ड-69 के मनोज मेहता को 15 मतों के बड़े अंतर से हराया। 1 वोट से हारे जयप्रकाश: वार्ड-22 की पार्षद अनिमा देवी (मेयर गुट) और वार्ड-16 के पार्षद जयप्रकाश सिंह के बीच सबसे कड़ा मुकाबला हुआ। अनिमा देवी को 36 और जयप्रकाश को 35 मत मिले, जिससे जयप्रकाश महज 1 वोट से चुनाव हार गए। नई टीम में दो नए चेहरे: नई स्थायी समिति के सात सदस्यों में से दो नए चेहरे शामिल हुए हैं। इनमें से एक, वार्ड-35 के पार्षद राज कुमार गुप्ता को 38 वोट मिले; उन्होंने वार्ड-43 की पार्षद रजनी सिन्हा को 4 मतों से पराजित किया। निर्विरोध जीतीं वार्ड-68 की पार्षद सुनीता देवी भी इस समिति की नई सदस्य हैं। पटना नगर निगम चुनाव: सशक्त स्थायी समिति के नतीजे पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के चुनावी नतीजों ने सबको हैरान कर दिया है। इस चुनाव में मेयर सीता साहू के गुट के सभी सात प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा समर्थित सभी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम ने भाजपा के भीतर की कलह और असंतोष को खुलकर सामने ला दिया है। विवाद इसलिए और गहरा हो गया है क्योंकि मेयर सीता साहू खुद भाजपा से जुड़ी हैं; इसके बावजूद पार्टी के घोषित उम्मीदवारों को उनके गुट से शिकस्त झेलनी पड़ी। दरअसल, इस गैरदलीय चुनाव में भाजपा ने बाकायदा अपने सात समर्थित उम्मीदवारों की सूची जारी की थी और पार्षदों से उन्हें वोट देने की अपील की थी। ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में भाजपा जिला अध्यक्ष रूप नारायण मेहता ने स्वीकार किया कि पार्टी स्तर पर समर्थित प्रत्याशियों की सूची जारी की गई थी। पहली सूची जारी होने तक सबकुछ ठीक था, लेकिन शनिवार सुबह 5 से 6 बजे के बीच भाजपा ने अचानक दूसरी संशोधित सूची जारी कर दी। इस नई सूची में पहली सूची के दो मजबूत उम्मीदवारों—मनोज जायसवाल और बिनोद कुमार का नाम हटा दिया गया। ये दोनों पार्षद मेयर सीता साहू के बेहद करीबी माने जाते हैं और पिछली सशक्त स्थायी समिति में भी सदस्य थे। जिला अध्यक्ष मेहता के नाम से जारी इस दूसरी सूची में दो नए पार्षदों—सीमा वर्मा और मनोज मेहता को शामिल कर लिया गया। अपने करीबियों का टिकट कटने से मेयर गुट में भारी असंतोष फैल गया। जवाबी रणनीति के तहत मेयर टीम के छह प्रत्याशियों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ मैदान में ताल ठोक दी। वहीं, एक सीट पर वार्ड-68 की पार्षद सुनीता देवी निर्विरोध चुनी गईं, क्योंकि उनके खिलाफ मेयर टीम ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। सीटों का परिणाम (सीटवार विवरण) सीट 1: कुमार संजीत (जीते, वोट: 39) बनाम पिंकी यादव (हारीं, वोट: 31) सीट 2: बिनोद कुमार (जीते, वोट: 43) बनाम मनोज मेहता (हारे, वोट: 28) सीट 3: अनीता देवी (जीतीं, वोट: 36) बनाम जयप्रकाश सिंह (हारे, वोट: 35) सीट 4: मुन्ना जायसवाल (जीते, वोट: 40) बनाम सीमा वर्मा (हारीं, वोट: 32) सीट 5: राजकुमार गुप्ता (जीते, वोट: 38) बनाम रजनी सिन्हा (हारीं, वोट: 34) सीट 6: श्वेता राय (जीतीं, वोट: 40) बनाम जीत कुमार (हारे, वोट: 31) सीट 7: सुनीता देवी (निर्विरोध चुनी गईं) मतदान का गणित: 75 पार्षदों में दो अनुपस्थित समाहरणालय परिसर स्थित जिला परिषद भवन में सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू होनी थी और 7 बजे से ही पार्षद जुटने लगे थे। दोपहर 12:30 बजे तक चली वोटिंग के दौरान 75 पार्षदों में से दो पार्षद—वार्ड-24 की ज्ञानवती देवी और वार्ड-30 की कावेरी सिंह अनुपस्थित रहीं। इस प्रकार, कुल 73 पार्षदों के मतों से ही जीत-हार का फैसला हुआ। जीत कुमार की वजह से दोनों गुटों में ठनी भाजपा और मेयर गुट में आपसी सहमति नहीं बनने की एक बड़ी वजह पार्षद जीत कुमार भी हैं। मेयर गुट ने भाजपा की बैठकों में स्थानीय नेताओं और संगठन पदाधिकारियों से जीत कुमार को चुनाव से हटाने की मांग की थी। उन्होंने उनके बदले किसी अन्य प्रत्याशी को उतारने के लिए कहा था, क्योंकि कुछ महीने पहले जीत कुमार ने ही महापौर के पुत्र और भाजपा नेता शिशिर कुमार पर मारपीट और गाली-गलौज करने का केस दर्ज कराया था। इसके बावजूद भाजपा जीत कुमार के नाम पर अड़ गई और जारी की गई दोनों ही सूचियों में उन्हें शामिल किया गया। इसके बाद ही मेयर गुट और भाजपा समर्थित विपक्ष की टीम आमने-सामने चुनावी मैदान में उतर गई। महापौर सीता साहू का बयान: “मेरा लक्ष्य है कि पटना देश का नंबर-1 शहर बने। विकास के नाम पर ही पार्षदों ने वोट करके सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों को जिताया है। इस जीत के लिए एनडीए के तमाम बड़े नेताओं, पदाधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई। हम सब मिलकर पटना के विकास के लिए कार्य करेंगे।” मुख्य बिंदु: सुबह बदली सूची और बिगड़ गया खेल मेयर गुट का दबदबा: मेयर गुट के 6 उम्मीदवारों को कुल 236 वोट मिले, जबकि विपक्षी खेमे को मात्र 191 वोट ही मिल सके। इस तरह मेयर गुट को 45 वोट अधिक मिले। चुनाव में तीन वोट अवैध घोषित किए गए। बिनोद कुमार को सबसे अधिक मत: पुराने पांचों सदस्यों में से वार्ड-70 के पार्षद बिनोद कुमार ने सबसे अधिक 43 वोट हासिल किए। उन्होंने वार्ड-69 के मनोज मेहता को 15 मतों के बड़े अंतर से हराया। 1 वोट से हारे जयप्रकाश: वार्ड-22 की पार्षद अनिमा देवी (मेयर गुट) और वार्ड-16 के पार्षद जयप्रकाश सिंह के बीच सबसे कड़ा मुकाबला हुआ। अनिमा देवी को 36 और जयप्रकाश को 35 मत मिले, जिससे जयप्रकाश महज 1 वोट से चुनाव हार गए। नई टीम में दो नए चेहरे: नई स्थायी समिति के सात सदस्यों में से दो नए चेहरे शामिल हुए हैं। इनमें से एक, वार्ड-35 के पार्षद राज कुमार गुप्ता को 38 वोट मिले; उन्होंने वार्ड-43 की पार्षद रजनी सिन्हा को 4 मतों से पराजित किया। निर्विरोध जीतीं वार्ड-68 की पार्षद सुनीता देवी भी इस समिति की नई सदस्य हैं।


