बलरामपुर जिले में राजस्व अभिलेखों को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने तहसील सदर में राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में रियल टाइम खतौनी, किसान रजिस्ट्री और आगामी जनगणना की तैयारियों की प्रगति पर गहन चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों की शुद्धता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि खतौनी से संबंधित सभी प्रविष्टियों को समय पर अपडेट किया जाए और किसी भी त्रुटि को तत्काल ठीक किया जाए। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया। बैठक में धारा-34 के तहत लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व में जारी आदेशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा और चेतावनी दी कि अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूमि अभिलेखों के शुद्धीकरण अभियान के तहत मृतक खातेदारों और शून्य गाटा वाले नामों को नियमानुसार हटाने पर भी विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि अद्यतन और पारदर्शी अभिलेख किसानों तथा आम जनता के हित में अत्यंत आवश्यक हैं। किसान रजिस्ट्री अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, आगामी जनगणना कार्यों के लिए आवश्यक तैयारियां अभी से शुरू करने और निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार कार्य करने को भी कहा गया। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) शिव नारायण सिंह और उप जिलाधिकारी सदर हेमंत गुप्ता सहित राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने संकेत दिया है कि राजस्व कार्यों की नियमित निगरानी जारी रहेगी और लक्ष्य प्राप्ति में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।


