बैतूल के सारणी पुलिस ने गांजा तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें पूरा परिवार नशे के कारोबार में शामिल था। पहले पिता की गिरफ्तारी हुई, फिर एक-एक कर नेटवर्क की परतें खुलती गईं और आखिरकार पुलिस ने उसकी पत्नी तथा दो बेटियों को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि महिलाएं ओडिशा के नुआपाड़ा रेलवे स्टेशन से गांजे की खेप लाकर बैतूल जिले में सप्लाई करती थीं। मामले की शुरुआत 10 मई को हुई थी, जब सारणी पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए बगडोना बस्ती निवासी बबलू धुर्वे और सारणी निवासी शेख फरीद को गिरफ्तार किया था। दोनों के कब्जे से कुल 4.783 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था, जिसकी कीमत लगभग 80 हजार रुपए आंकी गई थी। इस दौरान एक आरोपी सरवन परते मौके से फरार हो गया था। पुलिस जांच आगे बढ़ी तो फरार सरवन परते पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। 15 मई को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सरवन ने बगडोना निवासी रामू उईके से गांजा खरीदने की बात कबूल की, जिसके बाद पुलिस ने रामू उईके को भी गिरफ्तार कर लिया। लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बीच पुलिस को संदेह हुआ कि तस्करी का नेटवर्क इससे कहीं बड़ा है। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और आरोपियों के मेमोरण्डम के आधार पर पुलिस ने बबलू धुर्वे की पत्नी सीमा उर्फ रमती बाई, बेटी सविता उईके और कविता सरियाम को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी जयपाल इनवाती के अनुसार तीनों महिलाएं लंबे समय से गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़ी हुई थीं। वे ओडिशा के नुआपाड़ा रेलवे स्टेशन से गांजे की खेप लेकर बैतूल पहुंचाती थीं और स्थानीय स्तर पर उसकी खरीद-बिक्री तथा सप्लाई का काम संभालती थीं। पुलिस का मानना है कि परिवार के सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। फिलहाल तीनों महिला आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा जिले में गांजे की सप्लाई किन क्षेत्रों तक की जा रही थी। पुरुष आरोपियों के फोटो 10 और 15 मई की गिरफ्तारी की है।।महिलाओं वाली आज की है।


